जबलपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान शहर को साफ-सुथरा रखने और गीला-सूखा सहित अलग-अलग तरह के कचरे के निस्तारण के लिए नगर निगम द्वारा जगह-जगह डस्टबिन लगाए गए, लेकिन अब इनके रखरखाव और नियमित कचरा उठाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के प्रमुख भंवरताल गार्डन रोड और सिविक सेंटर क्षेत्र में लगाए गए कई डस्टबिन टूटे या क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरा समय पर नहीं उठने के कारण डस्टबिन भर जाते हैं और आसपास दुर्गंध फैलती रहती है।
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कई डस्टबिन के ढक्कन गायब हैं, जबकि कुछ रखरखाव के अभाव में क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। खुले डस्टबिन में कचरा जमा होने के बाद आवारा जानवर उन्हें गिरा देते हैं, जिससे अंदर का कचरा सड़क पर फैल जाता है। ऐसे में जिस व्यवस्था को सड़क पर कचरा फैलने से रोकने के लिए बनाया गया था, वही पर्याप्त निगरानी और रखरखाव नहीं होने पर परेशानी का कारण बनती दिखाई दे रही है।
भंवरताल गार्डन रोड पर स्थिति को लेकर खास तौर पर नाराजगी सामने आई है। सुबह इस क्षेत्र में खाने-पीने और स्प्राउट्स आदि की दुकानें लगती हैं। दुकानदारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि पीछे जमा कचरे से उठने वाली दुर्गंध के कारण उन्हें और ग्राहकों को परेशानी होती है। नियमित कचरा उठाव नहीं होने से समस्या और बढ़ जाती है।
सिविक सेंटर में यूनियन बैंक के सामने लगाए गए डस्टबिन को लेकर भी इसी तरह की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां डस्टबिन में जमा और आसपास बिखरा कचरा क्षेत्र की स्वच्छता को प्रभावित कर रहा है। नागरिकों ने नगर निगम से इन डस्टबिन को हटाने या ऐसी व्यवस्था करने की मांग की है, जिसमें नियमित कचरा उठाव और सफाई सुनिश्चित हो सके।
अब सवाल केवल डस्टबिन लगाने पर हुए खर्च का नहीं, बल्कि उनके रखरखाव का भी है। यदि गीले-सूखे कचरे के लिए अलग डस्टबिन लगाए जाते हैं, लेकिन वे टूट जाएं, ढक्कन गायब हो जाएं और उनमें जमा कचरा नियमित रूप से न उठे, तो पूरी व्यवस्था का उद्देश्य ही कमजोर पड़ जाता है।
स्वच्छता केवल सर्वेक्षण तक सीमित अभियान नहीं हो सकती। शहर की असली परीक्षा सर्वेक्षण समाप्त होने के बाद शुरू होती है—जब बिना किसी रैंकिंग या निरीक्षण के भी सड़कें साफ रहें, डस्टबिन उपयोग योग्य हों और उनमें जमा कचरा समय पर उठाया जाए।
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि नगर निगम भंवरताल और सिविक सेंटर सहित शहर में लगाए गए सार्वजनिक डस्टबिन का सर्वे कराए, टूटे डस्टबिन बदले और जहां उनकी उपयोगिता नहीं है वहां उन्हें हटाकर बेहतर विकल्प उपलब्ध कराए। क्योंकि डस्टबिन लगाना स्वच्छता की शुरुआत है, उसमें पड़ा कचरा समय पर उठाना ही व्यवस्था की असली जिम्मेदारी है।
यह समाचार एक जिम्मेदार नागरिक द्वारा नागरिकों के कल्याण और जनहित को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।


