देवघर,1 August। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एम्स, देवघर के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. उन्होंने अपने संबोधन में डिग्री हासिल करने वाले डॉक्टर्स को समाज और देश के प्रति उनके कर्तव्य का बोध कराया. साथ ही इस संस्थान से जुड़ी अपने यादें साझा की. उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि संस्थान में बेटियों की संख्या छात्रों की तुलना में करीब करीब बराबर हो गई है. उन्होंने पहले दीक्षांत समारोह में उपाधियां और पदक पाने वाले 2019 बैच के विद्यार्थियों से आशा और उम्मीद जताई कि वे एक महान मेडिकल ट्रेडिशन के ध्वजवाहक बनेंगे.
राष्ट्रपति ने डॉ. अस्मित अग्रवाल को स्वर्ण पदक से नवाजा, रजत पदक के विजेता रहे डॉ. तनिष्क कुमार रहे, जबकि कांस्य पदक की विजेता डॉ. हर्षवीन कौर रहीं. इसके अलावा डॉ. ऋचा जयसवाल को एमबीबीएस पाठ्यक्रम में सर्वाधिक अटेंडेस के लिए सम्मानित किया गया. इस मौके पर डॉ. अंजनी कुमारी, डॉ. गौतम शंकर, डॉ. सुमिता सिन्हा, डॉ. शिक्षा सिंह और डॉ. ओम शंकर को डिग्री प्रदान की गई.
राष्ट्रपति ने कहा कि भगवान शंकर की कृपा से सावन माह में देवघर आने का मौका मिला. शिव और शक्ति के आशीर्वाद से सिंचित इस धरती को नमन करती हूं. एम्स देवघर के साथ मेरी विशेष स्मृति जुड़ी हुई हैं. 25 मई 2018 को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा सिंदरी से इस संस्थान का शिलान्यास किया गया था. तब झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थी. आज इस संस्थान के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल होने का अवसर मिला है. इस तरह एम्स देवघर की विकास यात्रा में मेरा विशेष संबंध बन गया है. आज से इस संस्थान में कल्चर ऑफ एक्सिलेंस का शुभारंभ हो रहा है. पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में बेटियों की संख्या अधिक थी. इससे मुझे बेहद प्रसन्नता हुई है.
राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स में प्रवेश पाना और यहां शिक्षा प्राप्त करना इस बात की गारंटी माना जाता है कि आप एक कुशल डॉक्टर बन गए हैं. आपको एक कुशल डॉक्टर के साथ-साथ एक अच्छा डॉक्टर भी बनना है. एक अच्छा डॉक्टर को शार्प क्लिनिकल सेंस के साथ साथ सेंसिटिव कम्यूनिकेशन की क्षमता भी होनी चाहिए. हम सबने देखा है कि कुछ डॉक्टर ऐसे होते हैं, जिनसे परामर्श के बाद मरीज और उनके परिवारजन बेहतर महसूस करते हैं. आप डायग्नोसिस या सर्जरी में पूरी तरह क्लीनिकल रहिए, लेकिन अपने व्यवहार में क्लीनिकल मत रहिए. अपने व्यवहार में सिंपेथेटिक रहिए. भगवान ने आपको जनसेवा के लिए भेजा है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि एक अच्छा डॉक्टर होना बहुत बड़ी बात होती है, लेकिन एक अच्छा इंसान होना उससे भी बड़ी बात होती है. नैतिकता, करुणा और परोपकार की भावना के साथ अनगिनत लोगों के जीवन में उजाला कर सकते हैं. आप समाज निर्माण में भी अपनी भूमिका निभा सकते हैं. आपके इस संस्थान की भूमिका टर्सियरी हेल्थ केयर के क्षेत्र में है, लेकिन मैं चाहती हूं कि आप प्राइमरी हेल्थ केयर के क्षेत्र में भी गाइडेंस दें. मैं इस बात के लिए धन्यवाद देती हूं कि इस संस्थान में पांच ट्राइबल विलेज को गोद लिया है. मैं चाहूंगी की गांवों को अडोप्ट करने के दायरे को बढ़ाना चाहिए. जब मैं झारखंड की राज्यपाल थी तब मैं कई गांवों में जाया करती थी. कम उम्र में बच्चियों की शादी होने और मां बनने से उनमें खून की कमी हो जाती है. आपके सुझाव से ग्रामीण व्यवस्था की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार होगा.
जनजातीय आबादी वाले झारखंड राज्य में आप सबके सामने सेवा प्रदान करने के बहुत से अवसर हैं. एम्स, देवघर को सेंटर ऑफ कंपीटेंस फॉर ट्राइबल हेल्थ के रूप में मान्यता दी गई है. इस संस्थान के फैकेल्टी मेंबर्स जनजातीय समुदाय से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी शोध कार्य में सक्रिय रहे. दुर्गम जनजातीय क्षेत्र में सांप के जहर की दवा, वैक्सीन, इमरजेंसी मेडिसीन को ड्रोन के माध्यम से पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. इसकी सराहना करती हूं. राष्ट्रीय स्तर पर सरकार का प्रयास है कि स्वास्थ्य से जुड़े आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिजर के दबाव लोगों पर कम से कम हो. इस राष्ट्रीय प्रयास में एम्स देवघर जैसे संस्थानों और आप जैसे डॉक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका है.
राष्ट्रपति ने एम्स, देवघर के प्रबंधन और डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे सभी मिलकर स्वास्थ्य और चिकित्सा से जुड़े ससटेनेबल डेवलपमेंट गोल की सूची बनाएं. उन्होंने कहा कि साल 2024 में कालाजार बीमारी का उन्मूलन कर दिया गया है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए साल 2030 का समय था, लेकिन छह साल पहले ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया. यह सराहनीय है. मलेरिया पर नियंत्रण पाने में बहुत सफलता मिली है.
दीक्षांत समारोह में मंच पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा, एम्स, देवघर के प्रेसिडेंट डॉ एन.के.अरोड़ा, एम्स के कार्यकारी निदेशक सह सीईओ प्रो. सौरभ वार्षणेय उपस्थित थे.


