जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में जुलाई 2025 की बारिश ने बीते 95 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने अब तक 30.02 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत से कहीं अधिक है।
कुंडम ब्लॉक में सबसे अधिक 38.38 इंच, जबकि सिहोरा में सबसे कम 24 इंच वर्षा हुई। इससे पहले वर्ष 1930 में जुलाई में सर्वाधिक 44 इंच बारिश दर्ज की गई थी।
वर्ष 2016 में जुलाई में 25.8 इंच, और 2024 में 19.58 इंच बारिश हुई थी, जिससे स्पष्ट है कि इस बार बारिश ने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
नदियां-नाले उफान पर, धुआंधार जलप्रपात जलमग्न
भारी वर्षा के चलते जिले की प्रमुख नदियों—नर्मदा, गौर और हिरण—का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बरगी बांध के 15 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे ग्वारीघाट में नर्मदा का जलस्तर सामान्य से 30 फीट ऊपर पहुंच गया है।
प्रसिद्ध धुआंधार जलप्रपात पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है, जिससे पर्यटकों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है।
सड़क संपर्क बाधित, प्रशासन अलर्ट पर
लगातार बारिश के कारण जबलपुर-नरसिंहपुर मार्ग स्थित झांसी घाट पुल पानी में डूब गया है, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। लोगों को वैकल्पिक रास्तों से यात्रा करनी पड़ रही है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर है, और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नजर बनाए हुए है।
जनजीवन प्रभावित
बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव, यातायात जाम और बिजली आपूर्ति में व्यवधान जैसी समस्याएं सामने आई हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।


