नई दिल्ली, 30 जुलाई भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन का कार्यकाल पूरा हो गया है। इस बीच राजदूत फिलिप ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच जल्द ही सबमरीन समझौते पर हस्ताक्षर हो सकता है। वहीं, उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की।
भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा, “इंडो-जर्मन इंडस्ट्रीज डायलॉग, मुझे लगता है कि यह एक बहुत जरूरी मीटिंग है, जहां जर्मन व्यवसायी, भारतीय व्यवसायी और भारतीय पॉलिसी मेकर्स से मिलते हैं। डीपीआईआईटी के सचिव भाटिया ने बहुत अच्छा भाषण दिया। मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले सालों में यह संबंध और बढ़ेगा। यह पहले ही बढ़ चुका है। जर्मनी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसका हर साल 50 बिलियन डॉलर से ज्यादा का ट्रेड वॉल्यूम है। यह बिजनेस के लिहाज से भारत के सबसे जरूरी साझेदारों में से एक है।”
उन्होंने कहा कि सबमरीन डील को लेकर मैं बहुत आशावान और आश्वस्त हूं कि यह बहुत जल्द, शायद अगले महीने तक, साइन हो जाएगी।
राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा, “प्रधानमंत्री हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक बहुत ही मिलनसार, बहुत ही सक्रिय साझेदार रहे हैं। हमने उन्हें ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा है जो इस द्विपक्षीय संबंध में वास्तव में बहुत रुचि रखते हैं, और मैं यह बताना चाहता हूं कि उन्होंने फेडरल चांसलर को निमंत्रित किया।”
इससे पहले भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने जर्मनी के राजदूत एकरमैन से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की और उनके भविष्य के दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन के विदा करने से पहले की मुलाकात अच्छी रही। मैंने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके बहुमूल्य योगदान की सराहना की। भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।”
बता दें, भारत में जर्मनी के निवर्तमान राजदूत फिलिप एकरमैन का मुख्य कार्यकाल वर्ष 2022 से जुलाई 2026 तक रहा। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास का नेतृत्व किया और जुलाई 2026 के अंत में अपनी विदाई पूरी की।
भारत और जर्मनी अपनी द्विपक्षीय साझेदारी के तहत रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं। भारत स्थित जर्मन मिशन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, फिलिप एकरमैन ने बॉन, हीडलबर्ग और उट्रेक्ट विश्वविद्यालयों से कला इतिहास और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। वर्ष 1993 में उन्होंने कला इतिहास में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की और उसी वर्ष जर्मन विदेश सेवा में शामिल हुए।


