भोपाल, 22 सितम्बर। मध्यप्रदेश में मानसून अभी विदा होने का नाम नहीं ले रहा है। अक्टूबर नजदीक होने के बावजूद बारिश के बादल अब भी छाए हुए हैं। राज्य में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है और आने वाले दिनों के लिए भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया गया है।
स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक अधिकांश जिलों में हल्की बारिश जारी रहेगी।
मौसम विभाग ने बेटुल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन और बड़वानी में कहीं-कहीं भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है।
इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
निवासियों को तूफानी परिस्थितियों के दौरान घरों में सुरक्षित रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए है, क्योंकि अस्थिर मौसम का असर पूरे प्रदेश पर पड़ रहा है। यात्रियों और किसानों को सतर्क रहने तथा स्थानीय निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र 25 और 26 सितम्बर को तेज बारिश ला सकता है — जो नवरात्रि उत्सव के दौरान खासतौर पर गरबा डांस जैसे खुले आयोजन पर असर डाल सकता है।
प्रशासन ने निचले इलाकों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
रविवार को भोपाल, उज्जैन, नरसिंहपुर, मंडला और नर्मदापुरम सहित 15 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। राजधानी में कई जगह जलभराव और ट्रैफिक अव्यवस्था देखने को मिली, हालांकि कोई बड़ा नुकसान रिपोर्ट नहीं हुआ।
उज्जैन में दिनभर उमस और गर्मी से जूझ रहे लोगों को शाम की बारिश से बड़ी राहत मिली। गलियां ठंडी हो गईं और नवरात्रि की तैयारियों में जुटे स्थानीय लोगों ने बारिश का स्वागत किया।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह मध्यप्रदेश में मानसून का अंतिम सक्रिय चरण हो सकता है। अगले हफ्ते की भारी बारिश के बाद परिस्थितियां स्थिर होने लगेंगी और मानसून की वापसी का रास्ता साफ हो सकता है।
लंबे खिंचे इस बरसाती मौसम का मिला-जुला असर रहा है — जलाशयों का जलस्तर बढ़ा है और देर से बोई गई फसलों को सहारा मिला है, लेकिन फसल कटाई में देरी और शहरी जीवन में व्यवधान भी हुआ है।
किसान मौसम की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और संतुलित अंत की उम्मीद कर रहे हैं।
जैसे-जैसे मध्यप्रदेश एक और बरसाती दौर के लिए तैयार हो रहा है, राज्य की तैयारी और सतर्कता की फिर से परीक्षा होगी। नागरिकों को स्थानीय मौसम बुलेटिन पर नजर बनाए रखने और आगामी भारी बारिश के अलर्ट के दौरान सावधान रहने की सलाह दी गई है।


