Dhooma Seoni News। सिवनी जिले के धूमा में शुक्रवार को 4 साल की मासूम तनुश्री का दो युवकों ने अपहरण कर लिया। आरोपियों ने बच्ची को “मेला घुमाने” के बहाने बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए थे। बच्ची की नानी ने पहले खुद उसे ढूंढ़ने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली तो अगले दिन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सिर्फ 24 घंटे में बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया और दोनों अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है।
ऐसे हुआ अपहरण
25 सितंबर की दोपहर तनुश्री अपने घर के बाहर आंगन में दोस्तों के साथ खेल रही थी। उसी दौरान पड़ोस में रहने वाले दोनों युवक उसे बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठाकर ले गए। उस वक्त बच्ची की नानी खेमवती घर के अंदर खाना बना रही थीं। शाम तक जब बच्ची वापस नहीं लौटी, तो नानी ने मोहल्ले में तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस से मदद मांगी गई।
नानी ने जताया शक
बच्ची की नानी खेमवती ने पुलिस को बताया कि पड़ोस के गांव में रहने वाला रूपेश अक्सर उनके घर आता-जाता था और बच्ची को बाइक पर घुमाता था। धूमा पुलिस को शक हुआ कि बच्ची को वही लेकर गया है। जांच के दौरान रूपेश के भांजे यशवंत के भी गायब होने की जानकारी मिली।
सीसीटीवी और पोस्टर से शुरू हुई तलाश
एसडीओपी अपूर्व भलावी के नेतृत्व में धूमा, लखनादौन और छापरा थाने की पुलिस ने बच्ची की तलाश शुरू की। 60 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, बच्ची की फोटो के पोस्टर छपवाकर सिवनी, नरसिंहपुर और जबलपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में बांटे गए।
जबलपुर से बरामद हुई बच्ची
पता चला कि रूपेश जबलपुर में निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम करता है। सिवनी पुलिस ने जबलपुर पुलिस से संपर्क किया। एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर एएसपी क्राइम जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में सीएसपी रितेश कुमार शिव की टीम ने बल्देवबाग क्षेत्र की निर्माणाधीन बिल्डिंग में दबिश दी। यहां रूपेश और यशवंत बच्ची के साथ छिपे मिले। पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित कब्जे में लिया और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर सिवनी पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी गुमराह करते रहे
पूछताछ में आरोपी बार-बार बयान बदलते रहे। कभी कहते कि बच्ची को मेला दिखाने लाए थे, कभी कहते कि दुर्गा माता देखने की जिद कर रही थी। पुलिस को अब भी उस बाइक की तलाश है जिससे आरोपी बच्ची को जबलपुर लाए थे।
बच्ची का मेडिकल कराया गया
बच्ची का मेडिकल कराया गया है, जिसमें कोई आपत्तिजनक तथ्य नहीं पाया गया। दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है


