एक बेहतरीन शिक्षा प्रणाली है । इसके द्वारा शिक्षक और छात्रों ने इस कोरोना काल में भी बेहतर प्रदर्शन किया ।आज के बदलते युग में कोरोना जैसी समस्या से उबरना बहुत ही मुश्किल होता अगर ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध नहीं होता ।एक शिक्षक होने के नाते मुझे बहुत चिंता थी कि अगर एक वर्ष तक छात्रों का शिक्षण प्रभावित हुआ तो उसकी भरपाई आने वाले कई वर्षों को प्रभावित करेगी ।यदि उम्र के अनुसार उनका शिक्षण प्रभावित हुआ तो समस्या अति गंभीर रूप धारण कर लेगी।
बिना शिक्षा, बिना अनुशासन के बच्चों का सर्वांगीण विकास कैसे संभव होगा लेकिन फिर ऑनलाइन माध्यम का प्रचार प्रसार हुआ । इसका शुरू में कई अभिभावकों ने विरोध भी किया कि उनके बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
उनकी आंखों पर असर पड़ेगा ।कुल मिलाकर विरोध के स्वर प्रखर होते जा रहे थे लेकिन फिर समय के साथ ये भी महसूस किया गया कि वास्तव में शिक्षा निरंतर आवश्यक है और लोग ऑनलाइन माध्यम को स्वीकारने लगे ।इसके सतत प्रयोग के लाभ दृष्टिगोचर होने लगे । इसकी उपयोगिता समझ आने लगी । शिक्षकों और छात्रों के बीच तालमेल शुरू होने लगा और इसके परिणाम भी सामने आने लगे।
ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली अब हमारे जीवन का हिस्सा बन गई है । इसके द्वारा अधिगम प्रणाली को सुचारू रूप से भविष्य में भी आसान बनाया जा सकता है ।आने वाले समय में शिक्षा को बेहतर बनाने में यह बहुत ही कारगर सिद्ध होने वाली है । इसे और बेहतर बनाने के लिए सरकार की तरफ से भी सहयोग आवश्यक है ।सरकार को कुछ ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे ऑनलाइन माध्यम का प्रयोग निःशुल्क उपलब्ध हो सके । इसके लिए ज़रूरी नेटवर्क प्रणाली दुरुस्त हो सके ।इसकी पहुंच आसान हो सहज हो और लोगों के लिए निःशुल्क उपलब्ध हो सके ।
लेखक – तृप्ति नारंग
शिक्षक


