मुंबई, 22 जून । महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उथल-पुथल दिखने को मिला। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने सोमवार को ‘ऑपरेशन टाइगर’ को अंजाम दिया, जिसके तहत उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में फूट पड़ गई। यूबीटी गुट के छह लोकसभा सांसद औपचारिक रूप से शिंदे गुट में शामिल हो गए। छह बागी सांसदों में ओमप्रकाश भूपालसिंह उर्फ ओमराजे निंबालकर (धाराशिव/उस्मानाबाद), नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर (हिंगोली), संजय हरिभाऊ जाधव (परभणी), संजय उत्तमराव देशमुख (यवतमाल-वाशिम), भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे (शिरडी) और संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व) शामिल हैं।
इस राजनीतिक उथल पुथल के बाद लोकसभा में शिवसेना यूबीटी की संख्या 9 से घटकर 3 हो गई है, जबकि शिंदे गुट की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। उद्धव ठाकरे के साथ बचे सांसद अरविंद सावंत (मुंबई दक्षिण), अनिल देसाई (मुंबई दक्षिण मध्य) और राजभाऊ वाजे (नासिक) हैं। दिल्ली में संसदीय दल की एक महत्वपूर्ण बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों के अनुपस्थित रहने से दरार साफ दिखने लगी थी। यह अटकलें तब हकीकत में तब्दील हो गईं, जब बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भेजकर अलग गुप के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया। छह सांसदों के एक साथ आने से उन्होंने दलबदल विरोधी कानून को दरकिनार कर दिया, जिसके तहत अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई बहुमत आवश्यक है।


