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April 1, 2026
सी टाइम्स
जीवनशैली

ब्लू जोन्स: जहां बढ़ती उम्र एक पड़ाव नहीं, जीवनशैली का उत्सव

नई दिल्ली, 15 नवंबर । दुनिया के नक्शे पर पांच ऐसी जगहें हैं जहां लोग असाधारण रूप से लंबा और स्वस्थ जीवन जीते हैं। ये जापान का ओकिनावा, इटली का सार्डिनिया, कोस्टा रिका का निकोया प्रायद्वीप, ग्रीस का इकारिया द्वीप और अमेरिका का लोमा लिंडा समुदाय हैं और इन्हें ब्लू जोन्स कहा जाता है।

डब्ल्यूएचओ की 2025 की रिपोर्ट में बताया गया कि इन क्षेत्रों के लोग वैश्विक औसत से 12–15 वर्ष अधिक जीते हैं। तो आखिर इनकी दीर्घायु का राज क्या है? जवाब सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि एक जीवन-दर्शन में छिपा है।

ओकिनावा में सुबह की शुरुआत किसी स्मार्टफोन नोटिफिकेशन से नहीं, बल्कि ‘इकिगाई’ से होती है, यानी जीने के उद्देश्य की खोज से। हर व्यक्ति के पास कोई न कोई मकसद होता है, चाहे वह बगीचे की देखभाल हो या किसी पड़ोसी की मदद। यह मानसिक संतुलन तनाव को न्यूनतम रखता है और शरीर के हार्मोनल सिस्टम को संतुलित करता है।

इटली के सार्डिनिया में लोग लाल वाइन, जैतून का तेल और साबुत अनाज सीमित मात्रा में खाते हैं। उनका रहस्य है प्लांट-बेस्ड मेडिटेरेनियन डाइट। वहां के बुजुर्ग हर भोजन के साथ ताजी सब्जियां और फल लेते हैं, और मीट सिर्फ हफ्ते में एक बार खाते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ मिलान की 2025 की रिपोर्ट बताती है कि इस डाइट से ‘खराब कोलेस्ट्रॉल’ (एलडीएल) का स्तर 30 फीसदी तक घट जाता है।

ग्रीस के इकारिया द्वीप में सुबह की चाय में थाइम, रोजमेरी, और सेज जैसी जड़ी-बूटियों का मिश्रण होता है। इन्हें वहां ‘नेचुरल एंटी इंफ्लेमेट्री’ कहा जाता है। शोध में पाया गया कि इकारिया के लोगों में डिप्रेशन दर दुनिया में सबसे कम है, और डिमेंशिया के केस लगभग न के बराबर है।

ब्लू जोन्स के सभी समुदायों में एक समान बात पाई गई। ये लोग बेहद सोशल हैं। अकेले नहीं बल्कि ‘समाज’ के साथ जीते हैं। हर व्यक्ति अपने परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों से जुड़ा होता है। यह सामाजिक संपर्क ही मानसिक स्वास्थ्य की जड़ है। लोमा लिंडा के निवासी, जो एडवेंटिस्ट ईसाई हैं, हर शनिवार “रेस्ट डे” मनाते हैं। इस दिन काम बंद कर परिवार और प्रकृति के साथ समय बिताते हैं।

खूब चलते हैं और अपने काम खुद करते हैं। डब्ल्यूएचओ अब ब्लू जोन मॉडल को शहरी नीतियों में शामिल करने पर विचार कर रहा है, ताकि शहरों में भी ‘सोशल हेल्थ’ और ‘स्लो लिविंग’ को प्रोत्साहन मिल सके।

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