जबलपुर। शहर के हनुमानताल थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबा टोला इलाके में 28 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवक की पत्नी और सास की शिकायत पर पुलिस ने उसे सरेआम पीटा, जिससे वह गहरे अपमान और मानसिक आघात में चला गया और आत्महत्या कर ली।
घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है। शनिवार को परिजनों ने शव को रखकर प्रदर्शन किया और कथित रूप से मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना पर स्थानीय विधायक लखन घनघोरिया भी मौके पर पहुंचे और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस मौके पर गई थी, तो क्या पिटाई करने या आरती उतारने गई थी।
मृतक की पहचान जयराज चौधरी (28) के रूप में हुई है, जो पेंटिंग का काम करता था। परिजनों के अनुसार, जयराज की 2018 में पड़ोस में रहने वाली पूजा चौधरी से प्रेम विवाह हुआ था। शादी के कुछ समय बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि पत्नी के किसी अन्य युवक से संबंध होने की जानकारी मिलने के बाद विवाद बढ़ता गया, जिससे पारिवारिक तनाव बना रहा।
परिजनों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले विवाद के बाद पूजा मायके चली गई थी। शुक्रवार को जयराज अपनी बेटी से मिलने ससुराल पहुंचा, लेकिन पत्नी और सास ने उसे बेटी से मिलने नहीं दिया। इसी दौरान कहासुनी और गाली-गलौज हुई। सूचना मिलने पर हनुमानताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पत्नी और सास के सामने जयराज के साथ मारपीट की, जिससे वह खुद को अपमानित महसूस करने लगा। इसके बाद वह घर लौटा और कमरे में चला गया। देर रात जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों ने अंदर जाकर देखा, जहां जयराज फांसी के फंदे पर लटका मिला।
घटना के बाद परिजनों ने शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और पत्नी, सास व पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मौके पर तहसीलदार संदीप जयसवाल, सीएसपी और हनुमानताल थाना पुलिस पहुंची। तहसीलदार ने परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि मारपीट की पुष्टि होती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई होगी। इसके बाद परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में मृतक के साथ किसी तरह की पिटाई नहीं हुई है। हालांकि परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और घटना के समय मौके पर मौजूद सभी लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।


