अनूपपुर/तीन हाथियों का समूह 21 दिनों से निरंतर जैतहरी इलाके के धनगवां बीट के जंगल में दिन एवं रात के समय निरंतर विश्राम एवं विचरण कर रहे है जो देर रात अचानक जंगल से लगे गांव टोले में ग्रामीणों के खेत एवं घरों के पास पहुंच जाने से आसपास के लोग रात भर डरे,सहमे में रहते हैं।
21 दिनों से निरंतर तीन हाथियों का समूह जैतहरी इलाके के धनगवां बीट के जंगल जो ग्राम पंचायत क्योटार,पड़रिया एवं कुकुरगोडां के अनेको टोला/मोहल्ला के ग्रामीण जो जंगल के मध्य एवं जंगल से लगे में बसे है यह बड़ा जंगल है में तीनों हाथी दिन एवं रात में बिचरण तथा विश्राम करते हुए देर रात होने पर अचानक जंगल से लगे टोला/मोहल्ला में पहुंचकर ग्रामीणों के खेतों एवं घरों में आ जा रहे हैं पिछली देर रात हाथियों द्वारा ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव की गोढाटोला में देर रात अचानक पहुंचकर दिनेश राठौर,विकास राठौर,कन्हैया राठौर के खेतों में लगी फसलों एवं सब्जियों को अपना आहार बनाया वहीं चोई के भलुवान टोला घर में जंगल के किनारे बसे छंगू सिंह पिता भागीरथी सिंह के घर में तोड़फोड़ करते हुए सुबह होने के पूर्व जंगल चले गए रविवार की देर रात हाथियों के समूह का एक छोटा हाथी को झंडीटोला जंगल से अकेला निकल कर चोई गांव के गोढाटोला आकर विकास राठौर के खेत में लगे गेहूं की फसल एवं वर के पेड़ की टहानियो को तोड़ते हुए विचरण कर रहा था इस हाथी को जंगल की ओर भगाए जाने के प्रयास में यह हाथी लोगों को दौड़ाता रहा है जो सुबह होते ही फिर से जंगल की ओर चला गया सोमवार को 21 वे दिन तीनों हाथी धनगवां बीट के जंगल तुर्का डोंगरी जंगल में विचरण एवं विश्राम कर रहे हैं रात के समय अचानक हाथियों का समूह जंगल से लगे गांव टोला/मोहल्ला में अचानक आ जाने से ग्रामीणों में डर एवं दहशत स्थिति बनी रहती है जिस कारण ग्रामीण जन रात रात भर जाग कर रात बिताने को बाध्य है, वन विभाग का गस्ती दल पूरे समय हाथियों के विचरण की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखते हुए ग्रामीणों को हाथियों से बचने के विभिन्न उपायों से अवगत करा रही है।


