_सनातन संस्कृति, एकता और सामाजिक समरसता का दिया गया संदेश_
कुरई – संगठित हिन्दू समर्थ भारत के तत्वावधान में आज बाजार चौक, चक्की खमरिया में विशाल हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। सम्मेलन में क्षेत्र भर से बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के लोग, मातृशक्ति, युवा एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन धर्म की गरिमा, सांस्कृतिक विरासत की रक्षा तथा समाज में एकता और समरसता को सुदृढ़ करना रहा।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि संत अमृतवाणी साध्वी पूजा किशोरी जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में सनातन धर्म की महिमा, बरघाट विधायक कमल मार्सकोले, रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष आई एस श्याम कुमरे, अशोक शरणागत,संस्कारों की शक्ति और समाज को एक सूत्र में बांधने का आह्वान किया।
मातृशक्ति संबोधन में साध्वी गीता दीदी जी ने नारी शक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि सशक्त समाज की नींव मातृशक्ति से ही मजबूत होती है।
मुख्य वक्ता श्री प्रवीण मिश्रा जी ने अपने बौद्धिक उद्बोधन में सामाजिक एकता, राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक चेतना पर प्रकाश डाला।
वहीं प्रबुद्धजन उद्बोधन में श्री श्याम कुमरे जी ने समाज से जाति-पात और भेदभाव समाप्त कर आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया।
सम्मेलन का प्रमुख नारा —
“जात-पात की करो विदाई, आपस में हम सब भाई-भाई” —
कार्यक्रम के दौरान जनमानस में विशेष रूप से गूंजता रहा।
कार्यक्रम के उपरांत साई समिति चक्की खमरिया के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया।
यह विशाल हिन्दू सम्मेलन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बना, बल्कि समाज में एकता, समरसता और संगठन की भावना को भी सशक्त कर गया। आयोजन की सफलता पर आयोजकों ने समस्त सहयोगियों, वक्ताओं एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।


