बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तृतीय चरण (01 फरवरी 2026 से 08 मार्च 2026) के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में बाल विवाह रोकथाम को लेकर विशेष गतिविधियाँ आयोजित की गईं। विकासखंड वारासिवनी की ग्राम पंचायत गर्रा एवं रामपायली, विकासखंड किरनापुर की ग्राम पंचायत मर्री एवं बम्हनी तथा विकासखंड बिरसा की ग्राम पंचायत सालेटेकरी एवं बेहरा भाटा में वन स्टॉप सेंटर बालाघाट एवं बैहर के माध्यम से ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया।
ग्राम सभाओं में बाल विवाह रोकथाम को विशेष एजेंडा बनाते हुए ग्रामों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने हेतु प्रस्ताव पारित किए गए। साथ ही बाल विवाह की आशंका वाले परिवारों की पहचान कर उन्हें समझाइश देने एवं सतत निगरानी में रखने पर चर्चा की गई। इस अवसर पर बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की जानकारी देते हुए जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्व-सहायता समूह एवं युवाओं ने सहभागिता करते हुए बाल विवाह न करने तथा इसकी सूचना संबंधित विभाग को देने का संकल्प लिया। इस अभियान का उद्देश्य ग्राम एवं वार्ड स्तर पर जन-जागरूकता बढ़ाकर बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करना है।


