July 28, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा



जबलपुर। कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों के निराकरण को लेकर मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन द्वारा मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राबर्ट मार्टिन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि संगठन की ओर से यह ज्ञापन जबलपुर संभाग के कमिश्नर के माध्यम से डिप्टी कमिश्नर राजस्व अरविंद कुमार सिंह को सौंपा गया है, जिसमें प्रदेश के समस्त कर्मचारियों की समस्याओं का अति शीघ्र समाधान किए जाने की मांग की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष राबर्ट मार्टिन ने बताया कि ज्ञापन में प्रमुख रूप से यह मांग की गई है कि प्रदेश के सभी कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जाए, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का लाभ दिए जाने की भी मांग रखी गई है, ताकि वर्षों से चली आ रही विसंगतियों को दूर किया जा सके।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदेश के समस्त सहायक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और प्राथमिक शिक्षक, जिन्होंने बीपीएड, सीपीएड एवं एमपीएड जैसी डिग्रियां प्राप्त कर ली हैं, उन्हें हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में व्यायाम शिक्षक अथवा पीटीआई के पद पर पदस्थ किया जाए। इससे स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों को खेल क्षेत्र में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल सकेगा।
संगठन ने प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र कर्मचारियों के समान 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिए जाने की भी मांग उठाई है। साथ ही वर्षों से लंबित लिपिकीय कर्मचारियों की वेतन विसंगति को दूर करते हुए उनका प्रारंभिक वेतन 1900 ग्रेड पे के स्थान पर 2400 ग्रेड पे के आधार पर निर्धारित करने की मांग की गई है। इसके अलावा पुरानी पेंशन व्यवस्था को शीघ्र लागू करने की भी मांग को ज्ञापन में प्रमुखता से रखा गया है।
ज्ञापन में प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत स्टेनोग्राफरों की वेतन विसंगति को समाप्त कर समान रूप से 3600 ग्रेड पे के आधार पर वेतन दिए जाने की मांग भी शामिल है। वहीं नवनियुक्त तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के लिए लागू स्टायफंड वेतन व्यवस्था को शोषणपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल समाप्त करने और प्रारंभ से ही उन्हें 100 प्रतिशत वेतन दिए जाने के आदेश जारी करने की मांग की गई है। इसके साथ ही पूर्व में इस व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मचारियों को एरियर्स दिए जाने की भी मांग रखी गई है।
संगठन ने यह भी मांग की है कि अन्य केडर की तरह शिक्षकों को भी क्रमोन्नति योजना के स्थान पर समयमान वेतनमान दिया जाए, जिससे उन्हें आर्थिक स्थिरता और सम्मानजनक वेतन मिल सके। इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें हेमंत ठाकरे, दिनेश गोंड़, राजेश सहारिया, सुरेंद्र चौधरी, फिलिप अंथोनी, लालजी प्रसाद, अजय मिश्रा, सोनल दुबे, राजकुमार यादव, रऊफ खान, एनोस विक्टर, क्लेमेंट पायस, मनमोहन चौधरी, गुडविन चार्ल्स, उमेश सिंह ठाकुर, धनराज पिल्ले, सुनील झारिया, देवेंद्र पटेल, मनीष मिश्रा, आशाराम झारिया, रमेश्वर प्रसाद दुबे, नीरज मरावी, क्रिस्टोफर नरोन्हा, राजकुमार बाबरिया, हरीश बहोरिया, दीपेश जैन, राकेश गुप्ता और गोपीसाह सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि शीघ्र ही कर्मचारियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए भी बाध्य होगा।

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