जबलपुर। जिले में बीते करीब तीन महीनों तक मतदाता सूची के सत्यापन और संशोधन का विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान लगभग 2100 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने जिले की आठ विधानसभा क्षेत्रों में करीब 19 लाख 25 हजार से अधिक मतदाताओं के घर-घर जाकर जानकारी जुटाई।
सत्यापन के दौरान सामने आया कि बड़ी संख्या में मतदाता अपने दर्ज पते पर मौजूद नहीं थे। वहीं जो मतदाता मिले, उनसे आवश्यक फार्म भरवाए गए और उनकी भौतिक पुष्टि की गई। इस प्रक्रिया में यह स्पष्ट हुआ कि पिछली मतदाता सूची में कई स्तर पर गड़बड़ियां थीं।
अभियान के नतीजों के अनुसार जिले में लगभग दो लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए, जबकि करीब एक लाख 70 हजार नए मतदाताओं को जोड़ा गया है। यानी मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर सुधार किया गया है।
बीएलओ को लगभग 19 लाख 25 हजार मतदाताओं से संपर्क करना था, लेकिन वे करीब 17 लाख 98 हजार लोगों से ही मिल पाए। करीब 51 हजार से ज्यादा मतदाता ऐसे पाए गए जो बताए गए पते पर मौजूद ही नहीं थे, जबकि लगभग 1 लाख 15 हजार लोग ऐसे निकले जो जिले में रहते ही नहीं हैं या स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं। इन सभी नामों को सूची से हटाने की प्रक्रिया की गई।
इसके अलावा करीब ढाई लाख ऐसे मतदाता भी सामने आए जिनका भौतिक सत्यापन संभव नहीं हो सका। इनमें सबसे अधिक संख्या पूर्व विधानसभा क्षेत्र की रही, इसके बाद केंट, पाटन, बरगी, मझगवां, सिहोरा, पनागर और शाहपुरा जैसे क्षेत्रों का स्थान रहा।
वहीं नए मतदाताओं की बात करें तो सबसे ज्यादा नए नाम पूर्व विधानसभा क्षेत्र में जुड़े हैं। इसके साथ ही शहरी इलाकों में भी मतदाताओं की संख्या में अच्छा इजाफा देखने को मिला है। इन नए मतदाताओं को आगामी चुनावों में पहली बार अपने मताधिकार का उपयोग करने का मौका मिलेगा।
कुल मिलाकर यह अभियान मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और वास्तविक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


