April 7, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

जैतहरी में मौत का क्लीनिक बेनकाब, 12वीं पास लगा रहा था इंजेक्शन,कानून क्यों खामोश?



CMHO ने पुलिस अधीक्षक को भेजा प्रतिवेदन, पहले भी हो चुकी है शिकायत;वीडियोग्राफी, पंचनामा और दवाइयों की जब्ती के बावजूद थाना जैतहरी मौन
अनूपपुर/जैतहरी।
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय, अनूपपुर द्वारा जैतहरी नगर में संचालित एक कथित झोलाछाप क्लीनिक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी,जिला-अनूपपुर के पत्र क्रमांक क./अ.प्रा./2026/245 दिनांक 17 फरवरी 2026 के अनुसार, जैतहरी के मुख्य मार्ग पर श्री रामअभिलाष द्विवेदी द्वारा अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी।
कलेक्टर के निर्देश पर गठित हुई जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देशानुसार दिनांक 16 फरवरी 2026 को जिला स्तरीय जांच दल गठित किया गया। जांच दल के अध्यक्ष अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जैतहरी के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।जांच के दौरान क्लीनिक संचालक रामअभिलाष द्विवेदी मौके से अनुपस्थित पाए गए। उनकी अनुपस्थिति में लोकनाथ यादव (उम्र 36 वर्ष), निवासी ग्राम बलबहरा सिवनी, जैतहरी, मरीजों को दवाई, इंजेक्शन और ग्लूकोज की बॉटल लगा रहा था। पूछताछ में उसने स्वयं को केवल 12वीं उत्तीर्ण बताया तथा पिछले 10 वर्षों से उक्त क्लीनिक में कार्यरत होने की बात स्वीकार की। उसका लिखित बयान भी संलग्न किया गया है।
मरीजों को बिस्तर पर चढ़ाकर चल रहा था इलाज निरीक्षण के दौरान दो मरीज कुसुम पति शिवकुमार, निवासी गुवांरी (जैतहरी),
मोतीलाल पिता देहचा, निवासी चोई (जैतहरी)
क्लीनिक के भीतर बिस्तर पर लेटे हुए इंजेक्शन एवं बॉटल लगवाते पाए गए। मौके पर पंचनामा तैयार किया गया, संपूर्ण कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई तथा दवाइयों, इंजेक्शन और बॉटल को जब्त किया गया।
*पहले भी हो चुकी है शिकायत*
CMHO कार्यालय के अनुसार, वर्ष 2024 में भी रामअभिलाष द्विवेदी के विरुद्ध झोलाछाप चिकित्सा की शिकायत प्राप्त हुई थी। पत्र क्रमांक विनिमय/2024/2353 दिनांक 26 जुलाई 2024 के माध्यम से वैधानिक कार्रवाई हेतु प्रकरण अग्रेषित किया गया था, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।अब पुनः 16 फरवरी 2026 की कार्रवाई के आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन, वीडियोग्राफी, फोटो एवं पंचनामा संलग्न कर पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर को विधिसम्मत कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया है।
*पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल*
गंभीर तथ्य यह है कि इतने स्पष्ट साक्ष्य वीडियोग्राफी, फोटो, जब्ती पंचनामा और लिखित बयान के बावजूद थाना जैतहरी द्वारा अब तक उक्त फर्जी चिकित्सक के विरुद्ध कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। इससे स्थानीय नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है।
जनस्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मामले में पुलिस की निष्क्रियता कई सवाल खड़े कर रही है
*क्या बिना वैध डिग्री और पंजीयन के चिकित्सा सेवा देना अपराध नहीं?*
क्या 12वीं पास युवक द्वारा इंजेक्शन और ड्रिप लगाना मरीजों की जान से खिलवाड़ नहीं?
पूर्व शिकायत के बावजूद दोबारा क्लीनिक कैसे संचालित होता रहा?
जनस्वास्थ्य पर बड़ा खतरा विशेषज्ञों के अनुसार बिना मान्यता प्राप्त व्यक्ति द्वारा इंजेक्शन, सलाइन और दवाइयों का उपयोग गंभीर दुष्परिणाम दे सकता है। संक्रमण, गलत दवा, ओवरडोज या एलर्जी जैसी स्थिति मरीज की जान तक ले सकती है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है।
*अब क्या होगी कार्रवाई?*
CMHO ने स्पष्ट रूप से पुलिस प्रशासन से वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। प्रकरण की प्रतिलिपि आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं लोक स्वास्थ्य, भोपाल; संयुक्त संचालक (विनियमन एवं नीति); कलेक्टर अनूपपुर; अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जैतहरी प्रमुख खंड चिकित्सा अधिकारी जैतहरी तथा थाना प्रभारी जैतहरी को भी भेजी गई है।
अब सबकी निगाहें थाना जैतहरी और पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो यह मामला जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

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