महायज्ञ और श्रीराम कथा से भक्तिमय हुआ कोलांचल
अनूपपुर । कोलांचल क्षेत्र के राजनगर स्थित काली मंदिर प्रांगण इन दिनों पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है। श्री श्री 108 श्री सत्य चंडी महायज्ञ एवं श्री रुद्र महायज्ञ के भव्य आयोजन ने पूरे क्षेत्र को आस्था के महासागर में बदल दिया है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। यह दिव्य आयोजन श्री श्री 108 श्री शेषनारायण आचार्य (द्वारकाधीश,अस्सी वाराणसी) के सान्निध्य में तथा श्री हरि गोविंद शास्त्री जी, वाराणसी के कुशल नेतृत्व में संपन्न हो रहा है। काशी से पधारे विद्वान ब्राह्मणों द्वारा प्रातः काल से ही वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ अनुष्ठान प्रारंभ हो जाता है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान बना रहता है। आयोजन का प्रमुख आकर्षण वाराणसी से आईं बाल विदुषी श्रीराम कथा वाचक शिखा तिवारी हैं, जिनकी ओजस्वी वाणी और प्रभावशाली प्रस्तुति श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही है। कथा के प्रथम दिवस उन्होंने जीवन में संशय के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संशय व्यक्ति के ज्ञान और वैराग्य दोनों को समाप्त कर देता है। सती प्रसंग के माध्यम से उन्होंने जीवन मूल्यों का सुंदर संदेश दिया, वहीं शिव विवाह का जीवंत वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान संगीत की मधुर स्वर लहरियां भी वातावरण को और दिव्य बना रही हैं। आर्गन पर श्री ललन सिंह, तबले पर श्री संतोष कुमार एवं श्री बबलू तिवारी की संगत से पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा नजर आ रहा है। सुबह से ही यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग बड़ी संख्या में यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुचारू रूप से की गई हैं। राजनगर का यह धार्मिक आयोजन न केवल क्षेत्र की आस्था को सशक्त कर रहा है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। कोलांचल क्षेत्र में चल रहा यह महायज्ञ और श्रीराम कथा लोगों के लिए श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत केंद्र बन गया है।


