बालाघाट जिले के वारासिवनी क्षेत्र में चावल में सुगंध के लिए कैमिकल मिलाए जाने की शिकायत पर कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने त्वरित संज्ञान लेते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन को जांच के निर्देश दिए। इसी क्रम में 26 मार्च को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार तीरथ अक्षरया के साथ विभिन्न राइस मिलों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान लालबर्रा रोड स्थित श्रीनाथ राइस मिल, त्रिवेणी राइस मिल, राधावल्लभ राइस मिल, शुभम राइस मिल एवं शुभम पर्बाइलिंग मिल की बारीकी से जांच की गई। टीम को किसी भी मिल में कृत्रिम सुगंधित रसायन का उपयोग नहीं मिला। हालांकि मिलों में काली मूंछ, जय श्री राम, एचएमटी, अंबेमोर और सोनम जैसे सुगंधित चावलों का स्टॉक पाया गया।
मिल संचालकों से धान एवं चावल की खरीदी के बिलों की जांच की गई, जिसमें काली मूंछ, सामान्य धान (कॉमन पैडी) और अन्य चावलों के क्रय दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। साथ ही स्थानीय मंडी से खरीदी के प्रमाण भी मिले।
खाद्य सुरक्षा टीम ने विभिन्न मिलों से कुल 10 नमूने लेकर जांच हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे हैं। मिल संचालकों ने बताया कि आवश्यकता अनुसार अन्य राज्यों से भी धान की खरीदी की जाती है और विभिन्न किस्म के चावल तैयार किए जाते हैं।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता आनंद ताम्रकार भी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चावल में किसी प्रकार का रसायन मिलाया गया है या नहीं। यदि जांच में खाद्य पदार्थ अमानक या मिलावटी पाए जाते हैं, तो संबंधित मिल संचालकों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच की यह कार्रवाई नायब तहसीलदार तीरथ अक्षरया, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री योगेश डोंगरे, श्री वाजिद मोहिब एवं श्रीमती गीता टांडेकर द्वारा की गई है।


