*अनूपपुर से बड़ी पहल प्रधानमंत्री से लेकर रेलवे बोर्ड तक भेजे गए ज्ञापन*, *NSG-6 से उच्च श्रेणी में उन्नयन की मांग तेज*
अनूपपुर।जिले के प्रमुख जैतहरी रेलवे स्टेशन के विकास को लेकर अब एक निर्णायक और संगठित पहल सामने आई है। पूर्व विंध्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता अनिल कुमार गुप्ता ने स्टेशन के ग्रेड उन्नयन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जोरदार आवाज उठाई है।उन्होंने देश के प्रधानमंत्री, अश्विनी वैष्णव (रेल मंत्री), रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तथा सांसद हिमाद्री सिंह को अलग-अलग ज्ञापन भेजकर जैतहरी रेलवे स्टेशन को वर्तमान NSG-6 (E) श्रेणी से उच्च श्रेणी में शामिल करने की मांग की है। एक ही मुद्दे पर इतने उच्च स्तर पर समन्वित प्रयास को क्षेत्र में बड़ी रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
अपने पत्रों में अनिल कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया कि बिलासपुर-कटनी रेलखंड पर स्थित जैतहरी स्टेशन को NSG-6 श्रेणी में रखना जमीनी हकीकत के विपरीत है। यह श्रेणी सामान्यतः कम यात्री संख्या और सीमित सुविधाओं वाले स्टेशनों के लिए निर्धारित होती है, जबकि जैतहरी की उपयोगिता इससे कहीं अधिक है।उन्होंने बताया कि जैतहरी क्षेत्र प्रशासनिक, आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहां विकासखंड मुख्यालय, तहसील कार्यालय, राजस्व उप संभाग, कृषि उपज मंडी और नगर परिषद कार्यालय जैसे प्रमुख संस्थान संचालित हैं, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है।औद्योगिक महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थापित हिंदुस्तान एम.बी. पावर का 2500 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट जैतहरी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है। इससे रोजगार, व्यापार और तकनीकी गतिविधियों में वृद्धि हुई है, जिसका सीधा प्रभाव रेलवे यातायात पर भी पड़ा है।
यात्री सुविधाओं को लेकर उन्होंने बताया कि स्टेशन पर वर्तमान में सात जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव है, लेकिन प्लेटफार्म, प्रतीक्षालय, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं अभी भी अपेक्षित स्तर तक विकसित नहीं हो पाई हैं।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि समान श्रेणी के कई छोटे स्टेशनों की तुलना में जैतहरी का राजस्व, यात्री संख्या और क्षेत्रीय महत्व अधिक है, ऐसे में इसे NSG-6 में बनाए रखना अव्यवहारिक है और क्षेत्रीय विकास में बाधक भी।
*प्रमुख मांगे*
जैतहरी रेलवे स्टेशन का उच्च श्रेणी में उन्नयन,प्लेटफार्म विस्तार और आधुनिकीकरण,
आधुनिक प्रतीक्षालय और स्वच्छ शौचालय
पेयजल, पार्किंग और प्रकाश व्यवस्था में सुधार,डिजिटल सूचना प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना
*रणनीतिक पहल से बढ़ा दबाव*
प्रधानमंत्री से लेकर रेलवे के शीर्ष अधिकारियों तक एक साथ ज्ञापन भेजे जाने से यह स्पष्ट है कि इस मुद्दे को सुनियोजित ढंग से राष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया है, जिससे संबंधित विभागों पर सकारात्मक निर्णय लेने का दबाव बढ़ा है।
*जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा*
जैतहरी और आसपास के क्षेत्रों के नागरिक लंबे समय से स्टेशन उन्नयन की मांग कर रहे थे। बढ़ती आबादी और औद्योगिक गतिविधियों के बावजूद सुविधाओं की कमी लगातार चिंता का विषय बनी हुई थी।
अब इस व्यापक पहल के बाद सभी की निगाहें रेलवे प्रशासन और केंद्र सरकार के निर्णय पर टिकी हैं। यदि मांग पर सकारात्मक कार्रवाई होती है, तो जैतहरी रेलवे स्टेशन का कायाकल्प होने के साथ पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है।


