जबलपुर। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और लू जैसी झुलसा देने वाली हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि स्वस्थ वयस्कों तक को तेज गर्मी परेशान कर रही है, वहीं स्कूली बच्चों के लिए यह मौसम और भी चुनौतीपूर्ण बन गया है। इसके बावजूद कई स्कूलों में कक्षाएं दोपहर 2 से 2:30 बजे तक संचालित हो रही हैं, जिससे बच्चों को तेज धूप में घर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
दोपहर के समय जब तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है, तब स्कूलों की छुट्टी होने से बच्चों को झुलसाती गर्मी और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में बच्चों का स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। लू के कारण कई बच्चे डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं, वहीं उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके चलते अस्पतालों और क्लीनिकों में बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार सुबह 11:30 बजे ही तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। तुलना करें तो पिछले वर्ष इसी समय अधिकतम तापमान लगभग 38.7 डिग्री सेल्सियस था, यानी इस बार अप्रैल में ही गर्मी ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पश्चिमी हवाएं भी 3 से 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जो गर्मी के असर को और बढ़ा रही हैं।
ऐसे हालातों को देखते हुए अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों के समय में तत्काल बदलाव किया जाए। उनका सुझाव है कि स्कूलों को सुबह संचालित कर दोपहर 12 बजे तक छुट्टी कर दी जाए, ताकि बच्चे तेज धूप और लू के प्रभाव से बच सकें और सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें।
माता-पिता का यह भी कहना है कि यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, तो बच्चों की सेहत पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है, ताकि बच्चों को इस भीषण गर्मी से राहत मिल सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


