32.1 C
Jabalpur
April 22, 2026
सी टाइम्स
बॉलीवुडमनोरंजन

8 घंटे की शिफ्ट पर छिड़ी जंग : दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के काम करने के तरीके में बड़ा अंतर

मुंबई । हिंदी सिनेमा में आठ घंटे काम करने का मुद्दा दोबारा गरमा गया है। दीपिका पादुकोण ने मां बनने के बाद सिनेमा में आठ घंटे की शिफ्ट की मांग की थी। उनका कहना था कि इंडस्ट्री में 8 घंटे से ज्यादा काम करने को प्रतिबद्धता मान लिया गया है। वहीं इस मुद्दे को दोबारा हवा देते हुए कंगना रनौत ने हालिया इंटरव्यू में एक्ट्रेस का सपोर्ट किया, जिसके बाद इंडस्ट्री में दोबारा 8 घंटों की शिफ्ट को लेकर बहस छिड़ गई है लेकिन क्या आप जानते हैं कि काम के मामले में दीपिका पादुकोण और उनके पति रणवीर सिंह दोनों की राय बहुत अलग है। दीपिका पादुकोण जहां आठ घंटे की शिफ्ट को मेंटल और फिजिकल हेल्थ से जोड़कर देखती हैं, वहीं रणवीर सिंह के लिए काम ही सब कुछ है। उन्होंने धुरंधर में लगातार बिना ब्रेक लिए काम किया था। जिसका खुलासा, वे कई पोस्ट में कर चुके हैं। निर्देशक आदित्य धर ने खुद बताया था कि रणवीर सिंह समेत पूरी टीम ने 16-18 घंटे काम किया था।
वहीं अभिनेता ने एक पुराने इंटरव्यू में भी खुलासा किया था कि उनकी वजह से उनके बाकी को-स्टार को भी परेशानी होती थी, क्योंकि वह आठ घंटे की शिफ्ट पर यकीन नहीं करते। उन्होंने कहा था, हिंदी सिनेमा में या एक फिल्म को बनाने में आठ घंटे में काम कर पाना बहुत मुश्किल है, तो थोड़ा ज्यादा कर लो शूटिंग, क्योंकि मैं काम को ‘ट्रांजेक्शन’ या सिर्फ एक लेन-देन के रूप में नहीं देखता।”
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि मेरे को-स्टार भी मुझसे परेशान हैं क्योंकि उनको लगता है कि मेरी वजह से उन्हें भी शिफ्ट से ज्यादा काम करना पड़ेगा और मैं सिनेमा के शिफ्ट स्टैंडर्ड को खराब कर रहा हूं, लेकिन अगर जो चीज हमें सीन के लिए चाहिए, अगर वह आठ घंटे में नहीं निकली तो क्या हुआ, थोड़ा सा और कर लो शूटिंग।
बता दें कि रणवीर सिंह का बयान दीपिका पादुकोण के बयान से पहले आया था, जब दोनों साथ में कई फिल्में कर रहे थे। हालांकि दीपिका के बयान का बहुत सारे सिलेब्स ने सपोर्ट किया, सिवाय रणवीर सिंह के। जबकि संदीप रेड्डी वांगा और फराह खान जैसे निर्देशकों ने जमकर विरोध किया। यही कारण था कि दीपिका पादुकोण ने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ को ठुकरा दिया था, जिसके बाद तृप्ति डिमरी को फिल्म में कास्ट किया गया।

 

अन्य ख़बरें

रक्त-व्यापार की कहानी ‘लाल रंग’ को हुए 10 साल पूरे

Newsdesk

‘नीतीश कुमार की जगह लेना आसान नहीं’, सीएम सम्राट चौधरी को लेकर आम्रपाली दुबे ने दी प्रतिक्रिया

Newsdesk

अकेलेपन में टूट गई थीं मालविका मोहनन, बोलीं- ‘कमरे में लौटकर बात करने वाला कोई नहीं था

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading