जबलपुर। शहर के गोहलपुर थाना क्षेत्र में मोबाइल लूट की एक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निजी अस्पताल में कार्यरत प्रांजली मिश्रा के साथ दमोह नाका चौराहे पर दो अज्ञात बदमाशों ने मोबाइल झपटकर फरार हो गए, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
प्रांजली मिश्रा ने बताया कि वह रोज़ की तरह ऑफिस से अपने घर घमापुर लौट रही थीं। जैसे ही वह दमोह नाका चौराहे पर ऑटो से उतरीं, तभी बाइक सवार दो बदमाश अचानक उनके पास पहुंचे और हाथ से मोबाइल छीनकर तेज़ी से फरार हो गए। घटना इतनी अचानक हुई कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
घटना के बाद पीड़िता तुरंत गोहलपुर थाने पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि उन्होंने साफ तौर पर पुलिस को बताया कि यह ‘मोबाइल लूट’ की घटना है, लेकिन पुलिस ने इसे ‘मोबाइल गुमशुदगी’ के रूप में दर्ज कर लिया।
प्रांजली का कहना है कि 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और न ही उन्हें किसी प्रकार की प्रगति की जानकारी दी गई है। इस रवैये से वह बेहद निराश और असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
वहीं, पुलिस का पक्ष है कि उन्हें मोबाइल गायब होने की सूचना मिली है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दमोह नाका क्षेत्र में हुई इस घटना के संबंध में एक टीम गठित कर दी गई है, जो सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
पीड़िता ने मांग की है कि मामले को ‘लूट’ की श्रेणी में दर्ज कर गंभीरता से जांच की जाए, ताकि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो सके। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और पुलिस से गश्त व निगरानी बढ़ाने की मांग की जा रही है।


