नई दिल्ली, 23 अप्रैल । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को अचानक राजपुर रोड पर तीस हजारी कोर्ट के पास स्थित अरुणा आसफ अली अस्पताल पहुंची, जहां उन्होंने अस्पताल का औचक निरीक्षण कर मरीजों और उनके परिजनों से व्यवस्थाओं और डॉक्टरों की उपलब्धता की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सीधे मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि इलाज समय पर मिल रहा है या नहीं, डॉक्टर नियमित रूप से उपलब्ध हैं या नहीं और अस्पताल में किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही। कई मरीजों ने अपनी समस्याएं भी साझा कीं, जिन्हें मुख्यमंत्री ने ध्यान से सुना।
इसके बाद उन्होंने डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों से भी बातचीत की और व्यवस्थाओं को समझा। अस्पताल प्रबंधन से भी उन्होंने विस्तृत फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक, तेज और संवेदनशील बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों में मरीज-केंद्रित व्यवस्था होनी चाहिए, जहां हर व्यक्ति को समय पर इलाज मिले और किसी को भटकना न पड़े। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मरीज के साथ सम्मान और संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।
गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने खास निर्देश दिए कि अस्पताल में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता हो, पीने के पानी की व्यवस्था लगातार बनी रहे और स्वच्छता पर कोई समझौता न हो। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएं और संसाधन समय पर उपलब्ध रहें। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हर परिवार को सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिलना सरकार की जिम्मेदारी है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। अस्पतालों को सिर्फ इलाज का स्थान नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और भरोसे का केंद्र बनाना जरूरी है।


