परसवाड़ा/बैहर-
परिक्षेत्र पूर्व बैहर (सा.) अंतर्गत बीट जत्ता के जंगल क्षेत्र में एक बाघ का शव प्राप्त हुआ। घटना की सूचना पर उच्च स्तरीय अधिकारियों के निर्देशन में, NTCA की गाइडलाइन के अनुसार चिकित्सकों की टीम द्वारा शव परीक्षण (पोस्टमार्टम) किया गया तथा FSL हेतु आवश्यक नमूने संकलित किए गए।
पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि बाघ के चारों केनाइन दांत अनुपस्थित पाए गए। इस पर वनमंडलाधिकारी महोदय के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई एवं डॉग स्क्वॉड की सहायता से सघन सर्च अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान ग्राम जत्ता के एक कुएं से, जिसमें झिल्ली में पत्थर बांधकर दांत फेंके गए थे, पम्प के माध्यम से पानी निकालकर चारों केनाइन दांत सफलतापूर्वक बरामद किए गए।
प्रथम दृष्टया यह ज्ञात हुआ कि अज्ञात आरोपियों द्वारा लालचवश बाघ के दांत निकाल लिए गए थे, परन्तु विभागीय कार्यवाही की आशंका से उन्होंने उन्हें कुएं में फेंक दिया। बाघ की मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि FSL रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात ही की जा सकेगी, तथापि पोस्टमार्टम करने वाली चिकित्सकीय टीम के अनुसार प्रथम दृष्टया मृत्यु स्वाभाविक प्रतीत होती है।
उल्लेखनीय है कि बाघ की औसत आयु लगभग 12 ± 2 वर्ष होती है तथा मृत बाघ की अनुमानित आयु भी इसी के आसपास पाई गई है।
उक्त प्रकरण में वन अपराध क्रमांक 2561/81 दिनांक 23/04/2026 पंजीबद्ध कर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2(16), 9, 39, 49B एवं 51 के अंतर्गत विवेचना की गई। प्रकरण में निम्नलिखित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया:
अशोक उईके, पिता रूप सिंह, उम्र 33 वर्ष, निवासी जत्ता, तहसील बैहर, जिला बालाघाट
भुनेश तेकाम, पिता कमल सिंह, उम्र 32 वर्ष, निवासी जत्ता, तहसील बैहर, जिला बालाघाट
सालिकराम, पिता मंगल सिंह, उम्र 60 वर्ष, निवासी जत्ता, तहसील बैहर, जिला बालाघाट
उक्त तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल चालान किया गया एवं उपजेल बैहर भेजा गया।
इस सम्पूर्ण कार्यवाही में परिक्षेत्र सहायक अधिकारी मोहगांव श्री आशीष नागेश्वर, वनरक्षक संदीप ओझा, वनरक्षक राजेश मेलानी, वनरक्षक अजय चन्द्रवंशी, वनरक्षक राजेन्द्र दुबे, वनरक्षक दीपक सिंह, वनरक्षक ओमकार चौधरी, वनरक्षक सूरज नायक, वनरक्षक सलमान हैदरी तथा सुरक्षा श्रमिकों का विशेष योगदान रहा।


