बालाघाट जिले की नगर पालिका परिषद मलाजखंड ने स्वच्छता की दिशा में एक अनूठी पहल करते हुए “कबाड़ से जुगाड़” के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र लोरा का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025–26 की तैयारियों के तहत अनुपयोगी वस्तुओं का रचनात्मक उपयोग कर कचरा घर को आकर्षक गार्डन और जागरूकता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
लोरा स्थित अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में पुराने टायर, लोहे के कबाड़ और प्लास्टिक सामग्री का उपयोग कर रंग-बिरंगे गमले, बैठने की व्यवस्था और सजावटी संरचनाएं बनाई गई हैं। इन नवाचारों से जहां परिसर की सुंदरता बढ़ी है, वहीं यह स्थान अब नागरिकों के लिए प्रेरणादायक मॉडल बन गया है। बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर इस अनोखी साज-सज्जा की सराहना कर रहे हैं।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिनेश बाघमारे ने बताया कि नगर पालिका द्वारा 3R (रिड्यूस, रियूज और रिसाइकल) के सिद्धांत को अपनाकर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है। केंद्र में एकत्रित जैविक कचरे से जैविक खाद तैयार की जा रही है, जिसका उपयोग परिसर में विकसित गार्डन और हरियाली बढ़ाने में किया जा रहा है। साथ ही इस खाद के विक्रय से नगर पालिका को अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है।
नगर पालिका द्वारा प्रतिदिन शहर का कचरा एकत्र कर वैज्ञानिक पद्धति से उसका पृथक्करण और निपटान किया जाता है। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कर पुन: उपयोग योग्य सामग्री का पुनर्चक्रण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है और शहर में स्वच्छता का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।
नगर पालिका परिषद मलाजखंड की यह पहल न केवल स्वच्छता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि नागरिकों को भी संदेश दे रही है कि अनुपयोगी वस्तुओं का सही उपयोग कर स्वच्छता और सौंदर्य दोनों को संवारा जा सकता है।


