जबलपुर। बरगी डैम में हुए टूरिस्ट क्रूज हादसे के बाद सामने आई एक मार्मिक तस्वीर ने हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया है। शुक्रवार, 1 मई की सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक महिला और उसके चार साल के मासूम बेटे का शव एक साथ मिला। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान मां ने अपने बच्चे को एक ही लाइफ जैकेट के अंदर सीने से कसकर चिपका रखा था, मानो वह अंतिम क्षण तक अपने बेटे को बचाने की कोशिश कर रही हो।
रेस्क्यू टीम जब पानी में लापता लोगों की तलाश कर रही थी, उसी दौरान मां-बेटे का शव एक साथ मिला। मां के हाथ बच्चे की पीठ पर इस तरह जकड़े हुए थे, जैसे वह उसे खुद से अलग नहीं होने देना चाहती थी। यह दृश्य इतना भावुक कर देने वाला था कि मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम के सदस्य और स्थानीय लोग भी अपनी भावनाएं रोक नहीं सके। हादसे की त्रासदी के बीच यह दृश्य मां की ममता और अंतिम क्षण तक बच्चे को बचाने के उसके संघर्ष की दर्दनाक मिसाल बन गया।
बरगी डैम में हुए इस हादसे ने कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस, प्रशासन और स्थानीय बचाव दल लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं 4 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
हादसे के बाद क्रूज संचालन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। प्रारंभिक जानकारी में यह बात भी सामने आई है कि कुछ लोग बिना टिकट क्रूज में सवार थे, जिसकी जांच की जा रही है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि हादसे के समय क्रूज में कुल कितने लोग सवार थे और सुरक्षा नियमों का पालन किस स्तर तक किया गया था।
फिलहाल घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता पहुंचाना है। वहीं इस हादसे ने बरगी डैम की पर्यटन सुरक्षा व्यवस्था और क्रूज संचालन की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


