जबलपुर। ग्वारीघाट थाने में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर अनुशासन और मर्यादा का पाठ पढ़ाने वाले पुलिस विभाग के भीतर ही जब नियमों की अनदेखी होती दिखे, तो मामला गंभीर हो जाता है। बुधवार को थाने के भीतर घटी एक घटना ने पूरे महकमे में हलचल मचा दी।
जानकारी के अनुसार, ग्वारीघाट थाना प्रभारी हरिकिशन आटनेरे रोज़ की तरह थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों की गणना (रोल कॉल) ले रहे थे। यह एक नियमित प्रक्रिया होती है, जिसमें कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के साथ-साथ उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाते हैं। इसी दौरान जब उन्होंने आरक्षक अजय लोधी को उसके कार्य को लेकर टोका और कुछ आवश्यक निर्देश दिए, तो बात अचानक बिगड़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, निर्देश दिए जाने पर आरक्षक अजय लोधी ने असामान्य प्रतिक्रिया दी और देखते ही देखते वह आक्रोशित हो उठा। पहले तो उसने बहस शुरू की, लेकिन कुछ ही पलों में मामला इतना बढ़ गया कि उसने अपने वरिष्ठ अधिकारी के साथ गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। हालात तब और बिगड़ गए जब उसने आगे बढ़कर थाना प्रभारी की कॉलर पकड़ ली।
थाने के भीतर इस तरह की घटना से मौजूद अन्य पुलिसकर्मी और अधिकारी हैरान रह गए। तत्काल स्थिति को संभालने के लिए अन्य स्टाफ ने हस्तक्षेप किया और दोनों को अलग किया। हालांकि, बीच-बचाव के दौरान भी आरक्षक का व्यवहार आक्रामक बना रहा, जिससे माहौल कुछ समय तक तनावपूर्ण रहा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने बिना देर किए संबंधित आरक्षक को लाइन अटैच करने के आदेश जारी कर दिए, जो कि विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई का एक प्रारंभिक कदम माना जाता है। साथ ही पूरे मामले की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।
इस घटना के बाद पुलिस विभाग के भीतर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की अनुशासनहीनता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वहीं, यह भी माना जा रहा है कि जांच के बाद आरक्षक के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई संभव है।
यह घटना न केवल पुलिस विभाग के आंतरिक अनुशासन पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कार्यस्थल पर संयम और पेशेवर व्यवहार कितना महत्वपूर्ण है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद आगे क्या कार्रवाई की जाती है।


