,
कोतमा मेरा दूसरा घर: न्यायाधीश दुबे
कोतमा/अनूपपुर।
कोतमा न्यायालय में पदस्थ जिला एवं सत्र न्यायाधीश गंगा चरण दुबे के पदोन्नति उपरांत कुटुंब न्यायालय में स्थानांतरण होने पर द्वारिका गेस्ट हाउस, कोतमा कॉलरी में भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वॉलिंटियर्स एवं स्थानीय समाजसेवियों ने उन्हें स्मृति चिन्ह एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में समाजसेवी भगवान दास मिश्रा, बी.एन. ओझा, चंदन केवट एवं दुर्गा यादव सहित अन्य उपस्थितजनों ने न्यायाधीश दुबे के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विदाई समारोह में भावुक होते हुए न्यायाधीश गंगा चरण दुबे ने कहा कि कोतमा में उनका 8 माह 10 दिन का कार्यकाल बेहद यादगार रहा। उन्होंने कहा, “जब मैंने कोतमा की पावन धरा पर कदम रखा, तब मेरे मन में कर्तव्यों और चुनौतियों को लेकर संकल्प था, लेकिन यह नहीं जानता था कि यह सफर रिश्तों की खूबसूरत डोर में बदल जाएगा। कोतमा केवल मेरा कार्यस्थल नहीं रहा, बल्कि मेरा दूसरा घर बन गया।”
उन्होंने आगे कहा कि यहां उन्हें न्यायिक कार्य के साथ-साथ लोगों की उम्मीदों और विश्वास को समझने का अवसर मिला। अधिवक्ताओं, न्यायिक साथियों एवं आमजन से मिले सम्मान को उन्होंने अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताया।
तहसील विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पैरालीगल वॉलिंटियर्स के कार्यों की भी सराहना की और कहा कि उनकी सक्रियता एवं जिम्मेदारी निभाने की भावना प्रेरणादायक रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने न्यायाधीश दुबे को भावभीनी विदाई देते हुए उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।


