शहडोल 5 मई 2026:- सहायक श्रमायुक्त शहडोल ने जानकारी दी है कि भवन एवं अन्य संनिर्माण (नियोजन तथा सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 1996 की धारा 32 के तहत् समस्त निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिये स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना नियोक्ताओं का वैधानिक उत्तरदायित्व है। वर्तमान मौसम और भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए, यह अनिवार्य है कि समस्त निर्माण स्थलों पर पेयजल व्यवस्थाएं अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ और शीतल पेयजल की व्यवस्था की जाए, पेयजल के केन्द्र निर्माण स्थल के पास ही होने चाहिए ताकि श्रमिकों को वहां तक पहुँचने में कठिनाई न हो, पेयजल के स्थानों को स्वष्ट रूप से “पीने का पानी” के बोर्ड द्वारा चिन्हित किया जाए। पानी रखने के पात्र साफ और ढके हुए होने चाहिए। उनकी नियमित अंतराल पर सफाई सुनिश्चित की जाए।पेयजल का स्थान किसी भी शौचालय, गंदे नाले या निर्माण सामग्री के कचरे से कम से कम 6 मीटर की सुरक्षित दूरी पर होना चाहिए, गर्मी के प्रकोप को देखते हुए, यदि निर्माण स्थल पर श्रमिकों की संख्या अधिक है, तो पानी को ठंडा रखने के लिए वॉटर कूलर या मिटटी के घडों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, श्रमिकों के लिए पानी पीने के स्थापन पद छाया (Shade) का प्रबंध अनिवार्य रूप से किया जाए, श्रमिकों के लिये कार्यस्थल पर छाया की उचित व्यवस्था भी हो एवं कार्य समय सारणी को भी परिस्थितियों के अनुरूप परिवर्तित किया जाये। इसके अतिरिक्त उचित होगा कि ग्रीष्म काल में प्रत्येक संनिर्माण स्थल पर पर्याप्त मात्रा में ORS Powder के पैकेट रखें जायें, ताकि आवश्यकता होने पर श्रमिकों को तत्काल राहत प्राप्त हो सके।


