_तौल में गड़बड़ी, अव्यवस्थाओं और किसानों से वसूली के आरोप; हादसे में किसान गंभीर, कलेक्टर व थाने में शिकायत_
गोपालगंज- NH-44 पर स्थित ग्राम बाघराज के अरिहंत वेयरहाउस में संचालित गेहूं खरीदी केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है। मीडिया में अव्यवस्थाओं और गड़बड़ियों की खबर प्रकाशित होने के बाद खरीदी केंद्र प्रभारी एवं वेयरहाउस संचालक द्वारा पत्रकार के खिलाफ फर्जी वीडियो वायरल करने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, सिलादेही समिति द्वारा संचालित इस खरीदी केंद्र में 15 अप्रैल से खरीदी शुरू हुई, लेकिन 1 मई तक महज लगभग 6 हजार क्विंटल गेहूं की ही खरीदी हो सकी। केंद्र प्रभारी भीकम सनोदिया ने बताया कि हमालों से आधार कार्ड मांगने पर उन्होंने काम बंद कर दिया, जिससे व्यवस्था प्रभावित हुई। इस दौरान NH-44 पर ट्रैक्टरों की आधा किलोमीटर लंबी कतार लग गई।
केंद्र प्रभारी ने यह भी आरोप लगाया कि वेयरहाउस संचालक खरीदी अपने हिसाब से कर रहा है और वह केवल नाम मात्र के लिए मौजूद रहता है। इधर किसानों ने तौल में गड़बड़ी और मनमानी दरों पर खरीदी के गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि बड़े कांटे पर प्रति ट्रैक्टर 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं और बाद में छोटे कांटे से कम तौल कर उपज रखी जा रही है।
जनपद सदस्य जितेंद्र बघेल ने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया में किसानों के साथ खुला भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे संबंधित विभाग के अधिकारी मनोज पुराबिया भी खरीदी केंद्र गए ओर खरीदी केंद्र प्रभारी ओर वेयर हाउस संचालक को फटकार लगाई। सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन ने फटकार लगाया था।पर एवं मामले की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर से की जाएगी। किसानों का कहना है कि कई दिनों तक लाइन में खड़े रहने से उनका समय और भाड़ा दोनों बढ़ रहा है, वहीं बारिश में उपज भीगने से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इसी बीच, सड़क पर खड़े ट्रैक्टरों से टकराकर जमुनिया गांव का एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे नागपुर में भर्ती कराया गया है। इसके बावजूद हाईवे पर लंबी कतार बनी हुई है, जिससे लगातार हादसे की आशंका बनी हुई है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब वेयरहाउस संचालक और केंद्र प्रभारी द्वारा एक वीडियो वायरल किया गया, जिसमें पत्रकार पर जबरन बयान दिलवाने का आरोप लगाया गया है। जबकि पत्रकारों का कहना है कि उनके पास केंद्र प्रभारी की कॉल रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसमें उन्होंने स्वयं जानकारी दी थी।
प्रशासक व प्रबंधक का पक्ष:
इस संबंध में सिलादेही समिति के प्रशासक सुरेंद्र बघेल एवं समिति प्रबंधक ने स्पष्ट कहा कि पत्रकारों ने किसानों के हित में खरीदी केंद्र की समस्याओं को उजागर किया है। उनका कहना है कि “खबर प्रकाशित होने के बाद पत्रकारों का वीडियो बनाकर उसे वायरल करना पूरी तरह अनुचित और समझ से परे है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जिस वेयरहाउस में खरीदी केंद्र संचालित किया जा रहा है, वहां वाहनों को नेशनल हाईवे पर खड़ा कराया जा रहा है, जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक है। साथ ही तौल में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद संबंधित कर्मियों की नियुक्ति पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासक व प्रबंधक ने मांग की है कि ऐसे वेयरहाउस संचालक और खरीदी केंद्र प्रभारी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए तथा जरूरत पड़े तो सेवा समाप्ति जैसे कदम भी उठाए जाएं, ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके।
फिलहाल पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है और पत्रकार द्वारा लखनवाड़ा थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।


