29.8 C
Jabalpur
May 10, 2026
सी टाइम्स
व्यापार

2047 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में अतिरिक्त 500 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है खनन क्षेत्र: रिपोर्ट



नई दिल्ली, 9 मई  एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि भारत का खनन उद्योग आधुनिक तकनीकों और टिकाऊ खनन तरीकों को तेजी से अपनाता है तो यह 2047 तक देश की अर्थव्यवस्था में अतिरिक्त 500 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है और करीब 2.5 करोड़ नई नौकरियां पैदा कर सकता है।

डेलॉयट और इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों और विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार के कारण खनिजों की मांग बढ़ रही है, जिससे भारत का खनन क्षेत्र बड़े बदलाव के दौर में प्रवेश कर रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में खनन उद्योग अहम भूमिका निभा सकता है।

फिलहाल खनन क्षेत्र का भारत की जीडीपी में सीधा योगदान करीब 2 से 3 प्रतिशत है। साथ ही यह इस्पात, सीमेंट, ऑटोमोबाइल, बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रमुख उद्योगों को भी समर्थन देता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का खनन क्षेत्र अब ‘माइनिंग 4.0’ से आगे बढ़कर ‘माइनिंग 5.0’ मॉडल की ओर बढ़ रहा है।

‘माइनिंग 4.0’ मुख्य रूप से ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीकों पर आधारित था, जबकि ‘माइनिंग 5.0’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), एडवांस एनालिटिक्स, डिजिटल ट्विन और आपस में जुड़े ऑपरेशनल सिस्टम का इस्तेमाल होगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘माइनिंग 5.0’ पारंपरिक खनन मॉडल से हटकर तकनीक-आधारित, टिकाऊ और ज्यादा मूल्य देने वाले खनन सिस्टम की दिशा में बड़ा बदलाव है।

रिपोर्ट के अनुसार, कई भारतीय खनन कंपनियां पहले ही अलग-अलग डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन इन तकनीकों को एक साथ जोड़कर काम करने में अभी भी चुनौतियां हैं।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर कंपनियां योजना, उत्पादन, लॉजिस्टिक्स, रख-रखाव, सुरक्षा और टिकाऊ संचालन को एकीकृत डिजिटल सिस्टम से नहीं जोड़ती हैं, तो डिजिटल निवेश का पूरा फायदा नहीं मिल पाएगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नीतिगत सुधार, इस्पात की बढ़ती मांग, महत्वपूर्ण खनिजों की जरूरत और सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल खनन क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रही हैं।

इसके अलावा, एआई-आधारित सुरक्षा सिस्टम, स्वचालित खनन संचालन, रियल टाइम मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म और हाइब्रिड क्लाउड-एज डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी तकनीकों को भारत के भविष्य के खनन क्षेत्र का प्रमुख आधार बताया गया है।

अन्य ख़बरें

सरकार ने महाराष्ट्र के पहले आधुनिक ‘फ्यूचर-रेडी’ डाकघर का किया उद्घाटन, ग्राहकों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

Newsdesk

पिछले एक दशक में 10 गुना से ज्यादा बढ़ा एसआईपी निवेश, युवा और महिला निवेशकों की बढ़ी भागेदारी: ललित केशरे

Newsdesk

गुजरात ने बढ़ाई बैटरी ऊर्जा स्टोरेज क्षमता, 870 मेगावाट तक पहुंचा नेटवर्क

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading