जबलपुर। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और लगातार सामने आ रही डॉग बाइट की घटनाओं को देखते हुए जबलपुर नगर निगम ने विशेष बधियाकरण एवं एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान को और तेज कर दिया है। नगर निगम को पिछले कुछ समय से विभिन्न वार्डों से आवारा कुत्तों के झुंड द्वारा लोगों को दौड़ाने, बच्चों एवं बुजुर्गों को काटने तथा राहगीरों के लिए परेशानी पैदा करने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने स्वास्थ्य विभाग को तत्काल प्रभाव से विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त संभव अयाची, स्वास्थ्य अधिकारी अंकिता बर्मन तथा सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा ने बताया कि शनिवार 9 मई 2026 को नगर निगम की टीम ने उन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया, जहां से सर्वाधिक शिकायतें प्राप्त हुई थीं। अभियान के दौरान निगम कर्मचारियों एवं माँ बगुलामुखी सेवा समिति के प्रशिक्षित डॉग कैचर्स की टीम ने बजरंग नगर, विलहरी, मंगलश्री कॉलोनी, ग्वारीघाट, बिलहरी, तिलहरी, कचनार सिटी, विजय नगर, यादव कॉलोनी, चंदन कॉलोनी, गंगा नगर, वीर सावरकर वार्ड, स्वामी विवेकानंद वार्ड तथा हनुमानताल क्षेत्र में कार्रवाई की।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 36 आवारा कुत्तों को सुरक्षित तरीके से पकड़ा गया। पकड़े गए सभी श्वानों को कठौंदा श्वान बधियाकरण केंद्र भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में उनका बधियाकरण किया जाएगा। इसके साथ ही सभी कुत्तों को रेबीज से बचाव के लिए एंटी-रेबीज टीके भी लगाए जाएंगे, ताकि भविष्य में संक्रमण और डॉग बाइट की घटनाओं को नियंत्रित किया जा सके।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार बधियाकरण अभियान का उद्देश्य आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना और शहरवासियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। निगम का कहना है कि वैज्ञानिक तरीके से चलाए जा रहे इस अभियान से आने वाले समय में आवारा कुत्तों की संख्या में कमी आएगी तथा आक्रामक व्यवहार की घटनाएं भी घटेंगी।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में आवारा कुत्तों के झुंड, काटने की घटनाओं या किसी भी प्रकार की समस्या की सूचना तत्काल निगम के स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने यह भी कहा कि शहर में यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी तैनात की जाएंगी।


