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June 10, 2026
सी टाइम्स
हेल्थ एंड साइंस

रीठा: आयुर्वेदिक हेयर केयर का सदियों पुराना राज, जानिए फायदे



नई दिल्ली, 9 मई  रीठा आयुर्वेद में सदियों से बालों और त्वचा की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह एक बड़ा पर्णपाती पेड़ होता है, जो खासकर हिमालयी क्षेत्रों और बिहार के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। इसके फलों में प्राकृतिक झाग बनाने वाले तत्व (सैपोनिन) पाए जाते हैं, जिसकी वजह से यह एक बेहतरीन प्राकृतिक क्लींजर बन जाता है।

आज के समय में जब बाजार में हर चीज केमिकल से भरी हुई मिलती है, ऐसे में रीठा एक ऐसा प्राकृतिक विकल्प है जो बिना किसी साइड इफेक्ट के बालों की सफाई और देखभाल में मदद करता है। पुराने समय में लोग शैम्पू की जगह रीठा का ही इस्तेमाल करते थे। इसे पानी में भिगोकर या उबालकर इसके पानी से बाल धोए जाते थे, जिससे बाल साफ, मुलायम और चमकदार बनते थे।

रीठा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बालों को जड़ों से साफ करता है लेकिन उनकी प्राकृतिक नमी को नुकसान नहीं पहुंचाता। यह स्कैल्प को भी स्वस्थ रखता है और डैंड्रफ जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। जिन लोगों को खुजली या सिर की त्वचा में जलन की समस्या होती है, उनके लिए रीठा काफी फायदेमंद माना जाता है।

इसके अलावा रीठा बालों को मजबूत बनाने में भी मदद करता है। नियमित इस्तेमाल से बाल झड़ने की समस्या कम हो सकती है और बालों की ग्रोथ भी बेहतर हो सकती है। यह बालों को नेचुरल चमक देता है, जिससे बाल ज्यादा हेल्दी और साफ दिखते हैं।

रीठा का इस्तेमाल करना भी बहुत आसान है। इसके सूखे फलों को रातभर पानी में भिगो दिया जाता है या हल्का उबाल लिया जाता है। फिर इस पानी को छानकर शैम्पू की तरह इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोग इसे आंवला और शिकाकाई के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं, जिससे इसका असर और बढ़ जाता है।

रीठा सिर्फ बालों के लिए ही नहीं, बल्कि कपड़े और घरेलू सफाई के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके प्राकृतिक झाग बनाने वाले गुण इसे एक मल्टी-यूज हर्बल प्रोडक्ट बनाते हैं।

आयुर्वेद में रीठा को बेहद शुद्ध और उपयोगी माना गया है, क्योंकि यह प्रकृति से सीधे मिलने वाला उपहार है। इसमें कोई केमिकल नहीं होता, इसलिए यह हर उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है।

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