प्रधानमंत्री की अपील का असर: दिया ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
जबलपुर। देश में बढ़ती ईंधन खपत, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा समय-समय पर किए जा रहे आह्वान का असर अब समाज के विभिन्न वर्गों में दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में मंगलवार को के जस्टिस ने एक प्रेरणादायक पहल करते हुए साइकिल से हाई कोर्ट पहुंचकर आम लोगों को ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
जस्टिस डीडी बंसल सुबह अपने सिविल लाइंस स्थित पचपेढ़ी सरकारी आवास से साइकिल पर निकले और लगभग 3 किलोमीटर की दूरी तय कर हाई कोर्ट पहुंचे। इस दौरान वे शहर की व्यस्त और भीड़भाड़ वाली सड़कों से होकर गुजरे। हाई कोर्ट के जज को साइकिल चलाते देख राहगीर और आम नागरिक भी कुछ देर के लिए रुक गए। कई लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए सकारात्मक संदेश बताया।
जस्टिस बंसल ने कहा कि वर्तमान समय में ईंधन बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि यदि लोग छोटी-छोटी दूरियों के लिए निजी वाहनों के बजाय साइकिल या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें तो इससे पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ऊर्जा संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की बात करते रहे हैं। इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने साइकिल से कोर्ट जाने का निर्णय लिया। जस्टिस बंसल ने यह भी कहा कि “जहां तक संभव हो, लोगों को साइकिल का उपयोग करना चाहिए। इससे शरीर स्वस्थ रहता है, प्रदूषण कम होता है और ईंधन की बचत भी होती है।”
उन्होंने इस सोच को भी गलत बताया कि उच्च पदों पर बैठे लोग साइकिल या साधारण साधनों का उपयोग नहीं कर सकते। जस्टिस बंसल ने स्पष्ट कहा कि “हाई कोर्ट जज होकर साइकिल से नहीं जा सकते, ऐसा सोचना गलत है। समाज में बदलाव लाने के लिए हर व्यक्ति को उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।”
इस दौरान हाई कोर्ट का एक कर्मचारी भी उनके साथ साइकिल से चला, जिसने उनका बैग, टिफिन और अन्य आवश्यक सामान साथ रखा। जस्टिस बंसल ने बताया कि उन्हें से प्रेरणा मिली, जिसके बाद उन्होंने यह पहल शुरू की।
शहर में जस्टिस बंसल की इस पहल की व्यापक चर्चा हो रही है। सामाजिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि यदि समाज के जिम्मेदार और प्रतिष्ठित लोग इस तरह की पहल करेंगे तो आम नागरिक भी प्रेरित होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या के बीच साइकिल का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बेहद उपयोगी है। ऐसे समय में हाई कोर्ट के जज द्वारा साइकिल चलाकर दिया गया संदेश लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


