बालाघाट। समाजसेवी एवं जिला सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पं. श्री राजेश पाठक परिवार सहित धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्रा पर रवाना हुए। वे हरिद्वार, काशी विश्वनाथ एवं केदारनाथ धाम सहित विभिन्न पवित्र स्थलों के दर्शन कर देश की सनातन परंपरा, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करेंगे। उनके यात्रा पर रवाना होने के अवसर पर समाज के लोगों, शुभचिंतकों और परिचितों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।
बताया जाता है कि पं. श्री राजेश पाठक लंबे समय से सामाजिक, धार्मिक एवं जनहित कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वे जिला सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष के रूप में सामाजिक एकता, धार्मिक जागरूकता और समाजहित से जुड़े कार्यक्रमों का संचालन करते रहे हैं। ऐसे में उनकी चार धाम यात्रा को आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने तथा समाज के कल्याण की भावना से जोड़ा जा रहा है।
यात्रा के दौरान पं. श्री राजेश पाठक सबसे पहले हरिद्वार पहुंचेंगे, जहां मां गंगा के तट पर पूजा-अर्चना एवं गंगा आरती में शामिल होंगे। इसके पश्चात वे काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगे। इसके बाद परिवार सहित केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन करेंगे और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की प्रार्थना करेंगे।
पं. श्री राजेश पाठक ने यात्रा पर रवाना होने से पूर्व कहा कि धार्मिक यात्राएं व्यक्ति को आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन के प्रति नई सोच प्रदान करती हैं। आज के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में ईश्वर के प्रति आस्था एवं आध्यात्मिक चिंतन मनुष्य को मानसिक बल देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपराओं को निकट से जानने और समझने का अवसर भी है।
परिवार के सदस्यों ने भी यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त किया और इसे ईश्वर की कृपा बताया। यात्रा के दौरान सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों पर पूजा-अर्चना कर परिवार, समाज, जिले एवं देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की जाएगी।
पं. श्री राजेश पाठक का वक्तव्य
“चार धाम यात्रा मेरे लिए केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर है। जीवन की भागदौड़ के बीच जब व्यक्ति ईश्वर के चरणों में पहुंचता है, तो उसे नई शक्ति, सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन प्राप्त होता है। मैं परिवार सहित हरिद्वार, काशी विश्वनाथ और केदारनाथ धाम में दर्शन कर जिले, समाज और देश की सुख-समृद्धि की कामना करूंगा। मेरी मान्यता है कि सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराएं हमें मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश देती हैं, जिन्हें जीवन में अपनाना अत्यंत आवश्यक है।”


