नई दिल्ली, 31 मई । पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचकूला में सीबीआई कोर्ट के तत्कालीन स्पेशल जज राजीव गोयल को तुरंत सस्पेंड कर दिया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है। 29 मई को हाईकोर्ट के जारी सस्पेंशन ऑर्डर में कहा गया कि यह फैसला चीफ जस्टिस और जजों ने संविधान के आर्टिकल 235 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए हरियाणा सिविल सर्विसेज (पनिशमेंट एंड अपील) रूल्स, 2016 के रूल 4(बी) के साथ लिया।आदेश में कहा गया कि चीफ जस्टिस और जजों ने तत्कालीन स्पेशल जज सीबीआई कोर्ट, पंचकूला राजीव गोयल (अब कैथल में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज) को तुरंत सस्पेंड कर दिया है, ताकि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सके।निलंबन के दौरान गोयल का हेडक्वार्टर कैथल में रहेगा और उन्हें डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज कैथल की इजाजत लिए बिना हेडक्वार्टर न छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में आगे कहा गया कि वह हरियाणा सिविल सर्विसेज (जनरल) रूल्स, 2016 के अनुसार गुजारे के लिए अलाउंस के हकदार होंगे।हालांकि, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश में यह नहीं बताया गया कि आरोप किस तरह के हैं या उन आधारों पर ज्यूडिशियल ऑफिसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का प्रस्ताव है।ईडी ने दावा किया कि सुधीर परमार को आईआरईओ और एम3एम ग्रुप के प्रमोटरों से न्यायिक कार्रवाई में उन्हें फायदा पहुंचाने के बदले में करीब 7 करोड़ रुपये का गलत फायदा मिला था। कहा जाता है कि यह कथित फायदा कैश पेमेंट के साथ-साथ बिना किसी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट के उसके रिश्तेदारों के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए लोन के जरिए दिया गया था।


