ग्राम चरका में हरी खाद जागरूकता संगोष्ठी कार्यक्रम एवं किसान सम्मलेन हुआ आयोजित
शहडोल 1 जून 2026- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत हरी खाद के प्रति जागरूकता विकासखंड ब्यौहारी के ग्राम चरका में मेला सह संगोष्ठी एवं किसान सम्मलेन का सफल आयोजन किया गया साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को 11 बजे से माननीय प्रधानमंत्री जी के मन की बात के प्रसारण को सुनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाना एवं रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करना है तथा अनुभवी कृषकों से चर्चा कराना था। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारिया एवं किसानों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
सहायक संचालक कृषि अनुराग पटेल के द्वारा अवगत कराया गया कि जिले में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन एवं परंपरागत कृषि विकास योजना संचालित है। योजना से हजारों किसानों को जोड़ा गया है। कार्यक्रम में उपस्थित कृषि विशेषज्ञ डॉ नितिन सिंघाई ने हरी खाद, धान की एस.आर.आई पद्धति, गोबर एवं जैविक खाद तैयार करने की वैज्ञानिक विधि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गोबर की खाद तैयार करने के लिए तीन गड्ढे रखने चाहिए। पहला गड्ढा भर जाय तो उसे मोटी मिट्टी की परत से ढक देना चाहिए। उसमें रासायनिक क्रिया होती है खरपतवार के बीज आदि नष्ट हो जाते है। पकी गोबर की खाद में बदबू नहीं आती है। गोबर एवं हरी खाद के उपयोग से यूरिया और डीएपी जैसे महंगे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है तथा लागत में कमी आती है।
कार्यक्रम में प्रगतिशील कृषक वाल्मीकि कुशवाहा के द्वारा अपने कृषि के अनुभवों को कृषकों से साझा करते हुए बताया गया कि ड्रिप से सिंचाई एवं मलचिंग का उपयोग कर शब्जी की खेती करते। गोबर की खाद तैयार कर खेत में उपयोग करते हैं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत एवं कृषि स्थाई समिति शहडोल के सदस्य पुष्पेंद्र सिंह पटेल, सरपंच बनवारी लाल, उप सरपंच सुनील द्विवेदी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामवासी मौजूद रहें।


