बिना अनुमति भूखंड बेचने का आरोप
जबलपुर। जिले में बिना विकास अनुमति लिए भूमि का विकास कर भूखंडों की बिक्री करने के आरोप में अधारताल थाना पुलिस ने दो व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रशासन का आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए प्लॉटिंग कर शासन को राजस्व हानि पहुंचाई।
जानकारी के अनुसार तहसीलदार गौरव पाण्डेय ने कलेक्टर एवं सक्षम प्राधिकारी के निर्देश पर अधारताल थाने में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। प्रतिवेदन में बताया गया कि गोहलपुर निवासी मोहम्मद मजहर उस्मानी और विष्णु कुशवाहा ने पनागर तहसील के ग्राम पिपरिया बनियाखेड़ा स्थित लगभग 1.79 हेक्टेयर भूमि पर बिना विकास अनुमति प्राप्त किए सड़क एवं नाली निर्माण कर भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर विक्रय किया।
जांच में सामने आया कि भूमि विकास के लिए सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। प्रशासन के अनुसार यदि नियमानुसार अनुमति प्राप्त की जाती तो शासन को निर्धारित विकास शुल्क प्राप्त होता। बिना अनुमति प्लॉटिंग किए जाने से राजस्व की हानि हुई है।
प्रतिवेदन के आधार पर अधारताल पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 61(3) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब संबंधित दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगा रही है कि कितने भूखंडों का विक्रय किया गया तथा शासन को वास्तविक रूप से कितनी आर्थिक क्षति हुई।
मामले में नामजद मोहम्मद मजहर उस्मानी को स्थानीय स्तर पर कांग्रेस से जुड़ा नेता बताया जाता है। एफआईआर दर्ज होने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि इस मामले में अभी तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


