महासमुंद, 08 जून । जिले के बसना थाना क्षेत्र अंतर्गत धान खरीदी केंद्र पिरदा में हुए करीब 4.50 करोड़ रुपये के गबन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन खरीदी केंद्र प्रभारी और सेल्समैन शामिल हैं। दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पिरदा के धान उपार्जन केंद्र में वर्ष 2020-21 के दौरान धान खरीदी में भारी अनियमितता और स्टॉक में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई थी। जांच में 17,210.72 क्विंटल धान की हेराफेरी कर शासन को लगभग 4.50 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का मामला उजागर हुआ।
इस संबंध में 27 मार्च 2024 को राजेश कुमार सिदार की शिकायत पर बसना थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 409 और 34 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका था, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी थी।पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर 8 जून 2026 को दो मुख्य फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें कन्हाई सेठ (59 वर्ष) निवासी रोहिना, महासमुंद, जो तत्कालीन व्यवस्थापक एवं खरीदी केंद्र प्रभारी था, तथा राजकुमार पटेल (42 वर्ष) निवासी बरेकेल, महासमुंद, जो तत्कालीन सेल्समैन के रूप में कार्यरत था, शामिल हैं।
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने धान गबन मामले में अपनी भूमिका स्वीकार की है। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और रिकॉर्ड में भी उनकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आर्थिक अपराधों और शासकीय योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


