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July 30, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

सीएम माझी ने इंडियन आइडल सीजन 16 की विजेता ज्योतिर्मयी को सम्मानित किया, 5 लाख रुपए के नकद इनाम की घोषणा



भुवनेश्वर, 28 जुलाई (ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को अपने आधिकारिक आवास पर इंडियन आइडल सीजन 16 की विजेता ज्योतिर्मयी नायक को सम्मानित किया और उनकी शानदार उपलब्धि के लिए 5 लाख रुपए के नकद इनाम की घोषणा की।

मुलाकात के दौरान, ज्योतिर्मयी ने मुख्यमंत्री को अपनी इंडियन आइडल ट्रॉफी दिखाई और अपनी जीत तक के सफर के बारे में बताया। उन्होंने इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गायन प्रतियोगिता में सफलता पाने के लिए की गई सालों की कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण का जिक्र किया।

युवा गायिका को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद, उनके असाधारण हुनर और लगातार कोशिश की वजह से उन्हें राष्ट्रीय पहचान मिली है और ओडिशा का मान बढ़ा है। उन्होंने ज्योतिर्मयी को उभरते गायकों की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया और राष्ट्रीय मंच पर राज्य का नाम रोशन करने के लिए उनकी तारीफ की।

मुख्यमंत्री ने मंच से हटकर भी अपने संगीत के हुनर का इस्तेमाल करने के लिए ज्योतिर्मयी की तारीफ की। उन्होंने ओडिशा के कई अस्पतालों में कैंसर के मरीजों को म्यूजिक थेरेपी दी, जिससे उनका दर्द कम करने और उनकी भावनात्मक सेहत को बेहतर बनाने में मदद मिली।

हुनर और सेवा के इस अनोखे मेल की तारीफ करते हुए माझी ने कहा कि ज्योतिर्मयी ओडिशा और देश, दोनों के लिए एक यूथ आइकॉन बनकर उभरी हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि मरीजों के लिए म्यूजिक को थेरेपी के तौर पर इस्तेमाल करने की उनकी पहल हेल्थकेयर में एक नई शुरुआत को प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि ज्योतिर्मयी जैसे युवा अचीवर्स का समर्पण और प्रतिबद्धता, समृद्ध ओडिशा और विकसित भारत के विजन में अहम योगदान देगी।

मुख्यमंत्री ने इंडियन आइडल के पूरे सफर में ज्योतिर्मयी को जबरदस्त समर्थन देने के लिए ओडिशा के लोगों का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि उनकी जीत राज्य के लिए एक यादगार अध्याय है और इसने राष्ट्रीय मंच पर ओडिशा के कलात्मक हुनर को और भी उजागर किया है।

सम्मान समारोह के दौरान ज्योतिर्मयी के माता-पिता, चक्रधर नायक और गौरी नायक, भी मौजूद थे।

वहीं, ज्योतिर्मयी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “ओडिया सुपरस्टार से नेशनल सुपरस्टार बनने तक के अपने सफर का श्रेय अगर मैं किसी को देना चाहूंगी, तो वह महाप्रभु जगन्नाथ को दूंगी। वह ओडिशा की शान हैं। जब भी हम गर्व से कहते हैं कि हम ओडिया हैं, तो हम यह भी कहते हैं कि हम जगन्नाथ धाम से हैं। यह आस्था हमेशा मेरे साथ रही है। मुझे पक्का यकीन था कि महाप्रभु जगन्नाथ के आशीर्वाद से मैं हर चुनौती का सामना कर सकती हूं। इसीलिए मैं यह कामयाबी अपने माता-पिता और महाप्रभु जगन्नाथ को समर्पित करना चाहती हूं। कभी भी हार नहीं मानना चाहिए। एक न एक दिन आपके सपने जरूर पूरे होंगे।”

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