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Jabalpur
June 10, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

जनहित और सुरक्षा सर्वोपरि
सीएम हेल्पलाइन के त्वरित निपटारे और शहर की फायर सेफ्टी को मजबूत करने निगमायुक्त सख्त


समीक्षा बैठक में प्रगति की ली जानकारी और लापरवाहीं पर बड़ी कार्रवाई करने दिए निर्देश*
*सुबह समीक्षा बैठक में मिले निर्देश और शाम तक हुई फायर सेफ्टी को लेकर शहर में ताबड़तोड़ बड़ी कार्रवाई*
जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा होटल, लाॅज और कोचिंग संस्थान को किया गया सील*
नागौद लाॅज, स्टैण्डर्ड होटल और नारायणा कोचिंग सेन्टर में नगर निगम ने लगाया ताला*

जबलपुर। निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और मॉनसून से पहले नागरिक सुरक्षा को पुख्ता करने समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक में उनका मुख्य फोकस सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों का संतुष्टिपूर्वक निपटारा करने, शहर के नाला-नालियों की सघन सफाई और सबसे महत्वपूर्णकृऊंची इमारतों में श्फायर सेफ्टीश् मानकों को दुरुस्त कराने पर रहा।
*फायर सेफ्टी पर बड़ा कदमरू संयुक्त टीम करेगी सख्त कार्रवाई*
शहर में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए निगमायुक्त ने अस्पतालों, होटलों, कोचिंग संस्थानों, मॉल और अन्य बहुमंजिला व ऊंची इमारतों में फायर फाइटिंग सिस्टम की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्य को पूरी पारदर्शिता और कड़ाई से पालन करने के लिए निगमायुक्त ने फायर अधीक्षक, अतिक्रमण दस्ता और भवन अधिकारियों की एक संयुक्त टीम का गठन किया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि संयुक्त टीम मिलकर सभी ऊंची इमारतों का औचक निरीक्षण करे। जिन संस्थानों में फायर एनओसी नहीं है या सुरक्षा उपकरण बंद पड़े हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त कराया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
*सीएम हेल्पलाइन और सफाई व्यवस्था को लेकर दिए कड़े निर्देश*
बैठक में निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि श्सीएम हेल्पलाइनश् के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नागरिकों की शिकायतों का समय सीमा के भीतर और पूरी संतुष्टि के साथ निराकरण करना अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही, आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए उन्होंने शहर के बड़े नाले और नालियों की सफाई व्यवस्था को और तेज करने के निर्देश दिए, ताकि जलभराव की स्थिति से बचा जा सके और संक्रामक बीमारियों पर रोक लगाई जा सके।
निगमायुक्त ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान ही हमारी प्राथमिकता है। फायर सेफ्टी नियमों में कोताही बरतने वालों पर संयुक्त टीम के माध्यम से सीधी कार्रवाई की जाएगी। हम एक सुरक्षित और स्वच्छ शहर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
शहर में अग्नि सुरक्षा, भवन अनुज्ञा और लाइसेंस संबंधी नियमों की अनदेखी पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निगम प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन संस्थानों को सील किया। यह कार्रवाई कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार और पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर की गई। संयुक्त दल द्वारा लार्डगंज-कछियाना स्थित नागौद लॉज, करमचंद चैक स्थित स्टैण्डर्ड होटल और राइट टाउन स्थित नारायणा कोचिंग का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान इन संस्थानों में अग्निशमन व्यवस्थाओं, भवन उपयोग, आवागमन मार्ग, पार्किंग, वेंटिलेशन और लाइसेंस संबंधी गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। जन-सुरक्षा की दृष्टि से इन कमियों को गंभीर मानते हुए तत्काल सील करने की कार्रवाई की गई।
नागौद लॉज, लार्डगंज-कछियाना में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन में आवश्यक अग्निशमन स्थापनाएँ स्थापित नहीं थीं और आवागमन के लिए केवल एक ही मार्ग उपलब्ध था। भवन विभाग की जाँच में यह तथ्य सामने आया कि भवन रहवासी प्रयोजन के लिए स्वीकृत था, जबकि उसका उपयोग व्यावसायिक प्रयोजन के लिए किया जा रहा था। मौके पर पार्किंग व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं पाई गई। बाजार एवं लाइसेंस विभाग द्वारा यह भी पाया गया कि ट्रेड लाइसेंस में स्वीकृत व्यवसाय से भिन्न व्यवसाय संचालित किया जा रहा था।
करमचंद चैक स्थित स्टैण्डर्ड होटल में भी अग्नि सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियाँ सामने आईं। भवन में आवश्यक अग्निशमन स्थापनाएँ उपलब्ध नहीं थीं तथा आने-जाने के मार्ग अत्यधिक संकरे पाए गए। निरीक्षण के दौरान भवन की टैरेस पर किचन संचालित पाया गया, जिसे अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से जोखिमपूर्ण माना गया। भवन विभाग द्वारा मौके पर भवन स्वामी से स्वीकृत नक्शा मांगा गया, लेकिन वह उपलब्ध नहीं कराया गया।
राइट टाउन स्थित नारायणा कोचिंग में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर कमियाँ पाई गईं। भवन में स्थापित अग्निशमन व्यवस्थाएँ क्रियाशील अवस्था में नहीं थीं और सभी आवश्यक अग्निशमन स्थापनाएँ भी उपलब्ध नहीं थीं। भवन में आवागमन के लिए केवल एक ही मार्ग था, जबकि गलियारों और आवाजाही के रास्तों की चैड़ाई भी पर्याप्त नहीं पाई गई। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि गलियारों और आवागमन मार्गों में ज्वलनशील सामग्री का उपयोग किया गया था तथा भवन में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। भवन विभाग द्वारा यह भी पाया गया कि भवन का उपयोग स्वीकृत प्रयोजन से भिन्न रूप में किया जा रहा था।
निगमायुक्त ने बताया कि सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों, होटल, लॉज, कोचिंग संस्थानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा, सुरक्षित निकासी, भवन अनुज्ञा, स्वीकृत उपयोग और लाइसेंस शर्तों का पालन अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अधारताल सुश्री नीलू बागरी, नगर निगम अग्निशमन अधिकारी कुशाग्र ठाकुर, सहायक अग्निशमन अधिकारी राजेन्द्र पटेल एवं निलेश पाटीदार, प्रभारी अतिक्रमण निरोधक अधिकारी कृष्णा पाल सिंह रावत तथा भवन विभाग के उपयंत्री दिग्दर्श सिंह, यशवंत सोनी और अभिषेक तिवारी उपस्थित रहे।

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