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June 14, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

प्रणीत मोरे विवाद पर सीएम फडणवीस बोल, स्टैंड-अप कॉमेडी में सामाजिक मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी



मुंबई, 12 जून  स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो को लेकर उठे विवाद के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया है।



उन्होंने कहा कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय समाज, संस्कृति और लोगों की भावनाओं का भी सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन जब अभिव्यक्ति की कोई शैली तय सीमाओं से आगे निकल जाती है, तो उसका असर समाज और आम लोगों पर पड़ सकता है। इसलिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपयोग जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्टैंड-अप कॉमेडी आज के दौर में मनोरंजन का एक लोकप्रिय माध्यम बन चुका है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी ऐसे कार्यक्रम देखना पसंद है। हालांकि, कॉमेडियंस को यह समझना चाहिए कि उनके शब्द और प्रस्तुतियां समाज में किस तरह का संदेश दे सकती हैं। उनके मुताबिक, कॉमेडी और मनोरंजन के साथ सामाजिक मर्यादाओं का पालन भी उतना ही जरूरी है।

कॉमेडियन प्रणीत मोरे का स्टैंड-अप शो विवादों में घिर गया है। शो से जुड़े कुछ वीडियो और क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें महिलाओं, सहमति और मृत व्यक्तियों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने के आरोप लगे हैं। इसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

इस विवाद पर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने गुरुवार को स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है। साथ ही, यह जानकारी देने को कहा गया है कि मामले में भारतीय न्याय संहिता और अन्य संबंधित कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं।

एनसीडब्ल्यू ने इस मामले में प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को नोटिस जारी कर 22 जून को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा है।

वहीं, महाराष्ट्र साइबर विभाग ने भी मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉक्टर सेजल पवार समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच भारतीय न्याय संहिता 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत की जा रही है। संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए समन भी जारी किए गए हैं।

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