_विधायक, कलेक्टर और एसपी ने किया श्रमदान, नागरिकों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प_
सिवनी – नगर की ऐतिहासिक धरोहर एवं प्रमुख जलस्रोत दलसागर तालाब को स्वच्छ एवं संरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को आयोजित स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान जनसहभागिता का अनुकरणीय उदाहरण बन गया। अभियान में विधायक श्री दिनेश राय, कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी सहित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता कर तालाब परिसर की सफाई की।
प्रातःकाल से ही दलसागर तालाब परिसर में लोगों की उपस्थिति शुरू हो गई थी। सभी ने मिलकर तालाब में फैली जलकुंभी, प्लास्टिक कचरे एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाने का कार्य किया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वयं श्रमदान कर जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर विधायक श्री दिनेश राय ने कहा कि जलाशयों का संरक्षण केवल शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास के जलस्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने कहा कि दलसागर तालाब सिवनी की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक धरोहर है। इसके संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं पुनर्जीवन के लिए जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अभियान में सहयोग देने वाले सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे प्रयासों को निरंतर जारी रखने की बात कही।
अभियान के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। सभी ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने, पौधरोपण करने, जलस्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने तथा पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
अभियान में नगरपालिका अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद सनोड़िया, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण भलावी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह, अपर कलेक्टर सुश्री सुनीता खंडायत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्वयंसेवी संगठन एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
दलसागर तालाब में आयोजित यह श्रमदान अभियान केवल सफाई कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता का सशक्त संदेश देकर गया। जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आम नागरिकों की संयुक्त पहल ने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की एक मिसाल प्रस्तुत की।


