दाऊ नहीं रहे, लेकिन विकास का मिशन जिंदा है
बरघाट (सिवनी)/ 53वीं जयंती पर बरघाट में गूंजा संकल्प, अधूरे सपनों को पूरा करने जनता और विकास मोर्चा ने भरी हुंकार,विनोद वासनिक बोले— वोट की ताकत से चुनिए ऐसा नेतृत्व, जो बरघाट को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाए, नगर के विकास की पहचान बन चुके पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष, विकास मोर्चा बरघाट के मार्गदर्शक एवं लोकप्रिय जननेता स्वर्गीय रंजीत वासनिक “दाऊ” की 53वीं जयंती पर शुक्रवार को नया बस स्टैंड परिसर जनभावनाओं का केंद्र बन गया। श्रद्धा, स्मृतियों और संकल्पों के बीच आयोजित समारोह में एक बार फिर बरघाट ने अपने प्रिय नेता को याद किया और उनके अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने का प्रण लिया,15 अगस्त 2024 को हुए उनके आकस्मिक निधन के बाद पहली बार ऐसा अवसर आया जब बड़ी संख्या में उनके समर्थक, शुभचिंतक, सामाजिक कार्यकर्ता और आमजन एक मंच पर एकत्र हुए और विकास पुरुष के सपनों को साकार करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में केक काटकर उनका जन्मदिवस मनाया गया तथा उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
*श्रद्धांजलि नहीं, विकास का संकल्प समारोह बना आयोजन*
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ नागरिक देवी प्रसाद ब्रम्हे एवं लोकगायक अतरलाल वंशकार की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित नागरिकों ने पुष्प अर्पित कर अपने प्रिय नेता को याद किया, वक्ताओं ने कहा कि रंजीत वासनिक ने अपने कार्यकाल में बरघाट के विकास को नई दिशा दी थी, उन्होंने नगर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जन समस्याओं के समाधान और विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि उनके जाने के बाद भी लोग उन्हें केवल नेता नहीं बल्कि विकास की सोच के रूप में याद करते हैं।
*”दाऊ का सपना अधूरा नहीं रहने देंगे”! विकास मोर्चा*
समारोह में विकास मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में घोषणा की कि संगठन का सबसे बड़ा उद्देश्य अब रंजीत वासनिक के अधूरे सपनों को पूरा करना होगा, विकास मोर्चा के नेताओं ने कहा कि बरघाट के विकास के लिए जो दृष्टि रंजीत दाऊ छोड़कर गए हैं, उसे आगे बढ़ाना ही संगठन की प्राथमिकता रहेगी। नगरहित के मुद्दों पर संघर्ष और विकास की लड़ाई पहले से अधिक मजबूती के साथ जारी रखी जाएगी।
*वीरेंद्र शेंडे ने दिया एकजुटता का संदेश*
विकास मोर्चा के सक्रिय साथी वीरेंद्र शेंडे ने कहा कि बरघाट के विकास के लिए सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों को एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत ही रंजीत दाऊ के सपनों को साकार करने का माध्यम बनेगी।
*पुरानी यादों से भावुक हुए अतरलाल वंशकार*
लोकगायक अतरलाल वंशकार ने रंजीत वासनिक के साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनते थे। उन्होंने कहा कि दाऊ ने जो विश्वास लोगों के दिलों में बनाया था, वही उनकी सबसे बड़ी पूंजी थी।
*बड़े भाई विनोद वासनिक का भावुक संदेश, जनता से की निर्णायक अपील*
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित संबोधन स्वर्गीय रंजीत वासनिक के बड़े भाई विनोद वासनिक का रहा। उन्होंने अपने छोटे भाई की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि बरघाट के लिए देखे गए उनके अनेक सपने अभी भी अधूरे हैं और उन्हें पूरा करना पूरे नगर की जिम्मेदारी है, उन्होंने जनता से अपील करते हुएकहा,”लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे बड़ी ताकत है। आने वाले समय में हमें ऐसे जन प्रतिनिधियों का चयन करना होगा जो केवल वादे न करें, बल्कि रंजीत वासनिक के सपनों को धरातल पर उतारने का साहस और संकल्प भी रखें,उन्होंने कहा कि बरघाट को विकास की नई दिशा देने के लिए जागरूक मतदान और सही नेतृत्व का चुनाव अत्यंत आवश्यक है।
*”बरघाट का विकास ही दाऊ को सच्ची श्रद्धांजलि”*
समारोह में उपस्थित लोगों ने माना कि रंजीत वासनिक की सबसे बड़ी पहचान विकास कार्यों और जनसेवा की राजनीति रही है, इसलिए उनकी जयंती केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि विकास के प्रति सामूहिक प्रति बद्धता का अवसर बन गई।
*आयोजकों ने जताया आभार*
कार्यक्रम के संयोजक आशीष कंचनवार एवं अंशुल तिवारी ने सभी नागरिकों, महिलाओं, युवाओं एवं विकास मोर्चा कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों की यह उपस्थिति साबित करती है कि रंजीत दाऊ आज भी बरघाट की जनता के दिलों में जीवित हैं।”जन्मदिन पर नहीं थमे आंसू, लेकिन विकास की मशाल फिर जल उठी” बरघाट ने विकास पुरुष को किया नमन, अधूरे सपनों को पूरा करने की ली सामूहिक सौगंध।


