June 14, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

भारत का मूल नागरिक अपने मूल अधिकारों से पूर्णतः वंचित.

सिवनी – सिवनी जिले के अंतर्गत संवेदनशील विधानसभा केवलारी मुख्यालय के अंतिम सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत बेलगांव यहां पर एक ऐसे व्यक्ति से गत दिवस मीडिया के बंधु रूबरू हुए…
बेलगांव निवासी गुलाब सिंह ऊइके उम्र 60 वर्ष इस व्यक्ति से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनके पास आज के आधुनिकता के दौर में अपनी पहचान बताने के लिए किसी भी प्रकार की दस्तावेज नहीं है, ना मतदाता परिचय पत्र, ना आधार कार्ड, ना राशन कार्ड किसी भी प्रकार के कोई दस्तावेज नहीं है, परिवार में यह और उनकी पत्नी और एक बेटा है, अपनी आपबीती बताते हुऐ, इनके बारे में गांव के सरपंच से जानकारी मिली कि इन्हें वृद्धावस्था पेंशन से भी वंचित रहना पड़ता है,बी एल ओ का कार्य कर रहे हैं श्री भावरें से जब इस संदर्भ में चर्चा किये तो पता चला की पूर्ण कागज पत्थर न होने की वजह से परिचय परिचय पत्र नहीं बन सकता, इन्होंने बताया कि इसके पूर्व जिला मुख्यालय में जाकर आधार कार्ड सेंटर में भी इन्होंने संपर्क किया लेकिन आधार कार्ड भी नहीं बना, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन्होंने तीसरी तक पढ़ाई भी की है, स्कूल सर्टिफिकेट के आधार पर जब उनके दस्तावेजों के लिए स्कूल से संपर्क किया गया तो जानकारी मिली कि पुराने दस्तावेज नहीं है, कुछ मिले भी तो उनको दीमक खा गई,अपनी बदहाली का शिकार गुलाब सिंह ऊइके जो अपने पिता की दो संताने हैं, और उनके पास नव -दस एकड़ खुद की निजी जमीन भी है,लेकिन एक ही पुत्र जो इनका पालन पोषण भी नहीं करता इनकी खेती किसी को ठेका में देकर खेती-बाड़ी का उपार्जन करता है, गत दिवस बेलगांव ग्राम पंचायत में नेत्र शिविर के आयोजन में पहुंचे एक निजी चिकित्सालय की टीम के पास जब यह पीड़ित व्यक्ति अपनी आंखों का इलाज कराने गए तो वहां पर इसे आधार कार्ड मांगा गया जिसके आधार पर इन्होने बोला कि मेरे पास कोई कागज पत्थर ही नहीं है,
अतः इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जिला मुख्यालय के संबंधित अधिकारियों से शासन प्रशासन से निवेदन है,कि गुलाब सिंह  ऊइके की मदद करके उनकी मुख्य दस्तावेज शीघ्र बना दिया जाए जिस प्रकार से शासन की मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे और अपना परिवार नियोजन कर सके…
इस संदर्भ में और प्राप्त जानकारी के अनुसार गुलाब सिंह ऊइके आजीविका पालन के लिए अपने गांव से कहीं दूसरे राज्य चले गए थे लंबा समय वहां बीत जाने के बाद जब गांव वापस लौटे तो इनका गांव की मतदाता सूची से नाम काट दिया गया और इनका आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज कुछ भी नहीं बने आज यह बेलगांव पंचायत के अंतर्गत वोट डालने के अधिकार से भी वंचित है.

अन्य ख़बरें

रामगढ़ में एक कोयला खदान में जहरीली गैस सूंघने से चार लोगों की मौत

Newsdesk

राजनगर-बिजुरी मार्ग का मंत्री दिलीप जायसवाल ने किया भूमि पूजन, वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी

Newsdesk

सहायक प्राध्यापक (भूगोल) पद पर चयनित होने पर आकाश सोनी का हुआ सम्मान, क्षेत्र में खुशी की लहर

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading