नई दिल्ली, 14 जून । केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने रविवार को कहा कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव कच्चे तेल पर निर्भर करेगा। केंद्रीय मंत्री की ओर से यह बयान ऐसे समय पर दिया गया है, जब अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के कारण देश में मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की गई है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल और डीजल अप्रैल के मुकाबले औसत 7.50 प्रतिशत महंगे हो गए हैं। केरल के त्रिशूर जिले में पत्रकारों से बात करते हुए गोपी ने कहा कि ईंधन की कीमतों पर कोई फैसला लेने से पहले केंद्र सरकार ग्लोबल एनर्जी मार्केट में हो रही हलचल पर बारीकी से नजर रख रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोई फैसला कच्चे तेल की आपूर्ति और ऊर्जा की व्यापक स्थिति के आधार पर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को लुधियाना में कहा कि ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच युद्ध से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय स्थिति ने पेट्रोलियम सेक्टर में चुनौतियां बढ़ा दी हैं, जिससे पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि देश के नागरिकों पर कीमतों में बढ़ोतरी का असर न पड़े। इसके कारण मौजूदा समय में सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ईंधन की बिक्री पर करीब 600 करोड़ रुपए से लेकर 750 करोड़ रुपए प्रति दिन की अंडर रिकवरी (लागत और बिक्री) का सामना कर रही है। मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है।


