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Jabalpur
June 14, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

अमरकंटक ताप विद्युत गृह में 660 मेगावाट सुपरक्रिटिकल इकाई निर्माण कार्य को मिली नई गति

मुख्य बॉयलर क्षेत्र में उत्खनन कार्य प्रारंभ
जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) द्वारा प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई में स्थापित की जा रही नई 660 मेगावाट क्षमता की सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत इकाई के निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है। इसी क्रम में परियोजना के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से मुख्य बॉयलर क्षेत्र में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) की टीम द्वारा उत्खनन (Excavation) कार्य का शुभारंभ किया गया। यह कार्य परियोजना को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्माण मील का पत्थर माना जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के प्रारंभिक चरण में अमरकंटक ताप विद्युत गृह की परियोजना टीम द्वारा उल्लेखनीय प्रयास करते हुए स्विच यार्ड क्षेत्र के बे-1 से बे-5 तक की भूमि को रिकॉर्ड समय में खाली कराकर समतलीकरण एवं अन्य साइट विकास संबंधी कार्य पूरे किए गए। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत निर्माण गतिविधियों को गति प्रदान करना संभव हो सका। पुरानी एवं बंद हो चुकी इकाइयों के स्थान पर स्थापित की जा रही यह 660 मेगावाट क्षमता की अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल इकाई उच्च दक्षता वाली तथा पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक अनुकूल तकनीक पर आधारित होगी।

परियोजना के निर्माण चरण की प्रथम प्रमुख उपलब्धि

कार्यपालक निदेशक (उत्पादन) तनवीर अहमद ने कहा की मुख्य बॉयलर क्षेत्र में उत्खनन कार्य की शुरुआत परियोजना के निर्माण चरण की प्रथम प्रमुख उपलब्धियों में से एक है। आगामी चरणों में बॉयलर एवं अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं की नींव निर्माण एवं कंक्रीट कार्य किए जाएंगे। इसके पश्चात बॉयलर स्टील संरचना की स्थापना, टरबाइन-जनरेटर भवन निर्माण, प्रमुख उपकरणों की स्थापना, विद्युत प्रणालियों एवं सहायक सुविधाओं के कार्य तथा अंत में इकाई का परीक्षण एवं सफल कमीशनिंग किया जाएगा।

भेल कर रहा परियोजना का क्रियान्वयन

मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा इस परियोजना के निर्माण, परीक्षण एवं सफल संचालन के लिए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड को अनुबंध के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में संपूर्ण कार्य संपादित कर जून 2030 तक परियोजना हस्तांतरित करने की जिम्मेदारी दी गई है। सितंबर 2025 में जारी नोटिफिकेशन ऑफ अवार्ड (NOA) के उपरांत सप्लाई, इरेक्शन एवं सिविल कार्यों से जुड़े सभी तकनीकी एवं संविदात्मक पहलुओं पर दोनों संस्थाओं के मध्य विस्तृत सहमति स्थापित की जा चुकी है।

गौरतलब है कि हाल ही में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की एक और महत्वाकांक्षी परियोजना सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी में निर्माणाधीन 660 मेगावाट सुपरक्रिटिकल इकाई ने भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है, जहां 10 जून को मुख्य बॉयलर क्षेत्र में प्रथम पीसीसी (प्लेन सीमेंट कंक्रीट) पोर का कार्य प्रारंभ किया गया। कंपनी की दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाएं निर्धारित निर्माण चरणों के अनुरूप तीव्र गति से आगे बढ़ रही हैं।

इन दोनों आधुनिक सुपरक्रिटिकल परियोजनाओं की निरंतर प्रगति मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कंपनी का लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा से पूर्व परियोजनाओं को पूर्ण कर प्रदेश को अतिरिक्त विद्युत उत्पादन क्षमता उपलब्ध कराना है, जिससे वर्ष 2030 तक मध्यप्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को और अधिक सुदृढ़ आधार मिल सके।

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