जबलपुर। रांझी थाना क्षेत्र में दहशत फैलाने के उद्देश्य से हुई बमबाजी की दो घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों और पांच विधि-विवादित बालकों को पकड़ लिया है। पुलिस ने दोनों घटनाओं में प्रयुक्त दो एक्सिस स्कूटी और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार पहली घटना 11 जून को मड़ई स्थित देशी शराब दुकान के बाहर हुई थी। शराब दुकान में कार्यरत सेल्समैन सूजल जायसवाल की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार दो युवक स्कूटी से आए और दुकान के काउंटर की ओर दो देसी बम फेंके। इनमें से एक बम फट गया, जबकि दूसरा नहीं फटा। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। इस मामले में बीएनएस की धारा 296(बी), 3(5) तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया।
दूसरी घटना 11 जून की रात रिछाई स्थित अंजनी कॉलोनी में हुई। फरियादी संतोष कुमार भारती ने पुलिस को बताया कि उनके घर के बाहर लगातार तीन धमाकों की आवाज सुनाई दी। बाहर निकलने पर बारूद की गंध और बम के अवशेष मिले। पड़ोसी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच में चार युवक स्कूटी से आकर बम फेंकते हुए दिखाई दिए। इस मामले में भी विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक सतीश कुमार साहू के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पहली घटना में शामिल दो विधि-विवादित बालकों को अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने शराब दुकान पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से बम फेंकने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक्सिस स्कूटी जब्त की गई।
वहीं दूसरी घटना में पुलिस ने समर सोनकर (18), शान सोनकर (18), हर्ष सिंह राजपूत (19) सहित एक विधि-विवादित बालक को पकड़कर पूछताछ की। आरोपियों ने अंजनी कॉलोनी में बम फेंकने की बात स्वीकार की तथा दो अन्य विधि-विवादित बालकों द्वारा बम उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी। इसके बाद दोनों बालकों को भी अभिरक्षा में लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की एक्सिस स्कूटी जब्त की है।
पुलिस ने बताया कि दोनों घटनाओं में शामिल अधिकांश आरोपी कम उम्र के हैं। सभी विधि-विवादित बालकों एवं युवकों की काउंसलिंग की गई तथा उनके अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की समझाइश दी गई है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी के नेतृत्व में एएसआई मनीष कुमार जाटव, गणपत मर्सकोले, रामा सिंह धुर्वे, प्रधान आरक्षक सुनील दुबे, राकेश सनोडिया तथा आरक्षक आलोक, चेतेंद्र, मनीष अहिरवार और राहुल भदौरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


