_महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सम्मानित एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस लाइन में हुआ जागरूकता कार्यक्रम_
सिवनी – पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन में पुलिस लाइन सिवनी में “सृजन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त बनाने के साथ-साथ बच्चों में जागरूकता का विकास करना था।
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं एवं कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। उपस्थित बच्चों को बताया गया कि हिंसा, उत्पीड़न या किसी भी प्रकार की प्रताड़ना का सामना करने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर में अस्थाई आश्रय, काउंसलिंग, चिकित्सा सहायता तथा विधिक सहायता एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती है।
बच्चों को यह भी समझाया गया कि यदि उनके आसपास किसी महिला या बालिका के साथ हिंसा, शोषण, बाल विवाह अथवा अन्य अपराध हो रहा हो, तो वे बिना किसी डर के संबंधित अधिकारियों, वन स्टॉप सेंटर अथवा हेल्पलाइन सेवाओं से संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान महिला हेल्पलाइन 181 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी देकर बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले प्रमुख अपराधों, उनकी पहचान, कानूनी संरक्षण, सुरक्षा उपायों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा पुलिस सहायता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई। वक्ताओं ने बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित आउटडोर गतिविधियों में बच्चों ने उत्साहपूर्वक वॉलीबॉल खेल में भाग लिया, जिससे उनमें टीम भावना एवं सहभागिता की भावना विकसित हुई।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा, थाना प्रभारी कोतवाली श्री सतीश तिवारी, थाना प्रभारी कान्हीवाड़ा श्री संतोष पंद्रे, कंट्रोल रूम प्रभारी श्री ओमेश्वर ठाकरे, महिला थाना प्रभारी श्रीमती संदीपिका ठाकुर, सूबेदार श्री जितेंद्र रावतकर, महिला एवं बाल विकास विभाग से सुश्री सोनम सक्सेना, मातृशक्ति संगठन की श्रीमती सीमा चौहान एवं सदस्यगण, मारगीक फाउंडेशन की सुश्री शिवानी बघेल सहित पुलिस विभाग एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों एवं समाज के विभिन्न वर्गों को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।


