घरेलू विवाद की सूचना पर पहुंची डायल-112 टीम से कथित अभद्रता, वीडियो वायरल
बैतूल, 16 जून (वार्ता) मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र के ग्राम कामथ में घरेलू विवाद की सूचना पर पहुंची डायल-112 पुलिस टीम के साथ कथित अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार ग्राम कामथ निवासी एक महिला ने डायल-112 पर फोन कर अपने पति के साथ चल रहे विवाद की सूचना दी थी। शिकायत मिलने पर डायल-112 में पदस्थ आरक्षक सत्येंद्र पाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद शांत कराने का प्रयास किया।
बताया गया कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान किसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद पुलिस टीम वहां से लौट गई, लेकिन कुछ समय बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद फिर बढ़ गया। स्थिति तनावपूर्ण होने की सूचना पर पुलिस टीम को दोबारा गांव पहुंचना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार दूसरी बार पहुंची पुलिस टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि कुछ लोगों ने पुलिस दल पर पथराव किया और इस दौरान आरक्षक सत्येंद्र पाल के साथ धक्का-मुक्की तथा मारपीट की गई।घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग एक पुलिसकर्मी के साथ हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
राजस्थान में मध्यप्रदेश के दो थाना प्रभारियों समेत करीब 100 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
आगर-मालवा, 16 जून (वार्ता) राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना में मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले के दो थाना प्रभारियों समेत करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। मामला जनवरी 2026 में राजस्थान के ग्राम घाटाखेड़ी में की गई कथित मादक पदार्थ निरोधक कार्रवाई से जुड़ा है।डग थाना प्रभारी भंवरसिंह के अनुसार चौमहला न्यायालय के आदेश पर आगर-मालवा कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूपसिंह राजपूत, उपनिरीक्षक राखी गुर्जर, सहायक उपनिरीक्षक अजय जाट सहित करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में एफआईआर क्रमांक 154/2026 दर्ज की गई है। मामले में अन्य आरोपियों की पहचान भी की जाएगी।
प्रकरण के अनुसार गत 21 जनवरी 2026 को आगर-मालवा पुलिस ने फैजान नामक युवक को 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने कथित रूप से बताया था कि वह यह मादक पदार्थ राजस्थान के झालावाड़ जिले के घाटाखेड़ी गांव के शाहिर, मुनव्वर और ताहिर से लाया था।
तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह के अनुसार फैजान की निशानदेही पर 28 जनवरी को 80 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने घाटाखेड़ी में दबिश देकर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ तथा ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त सामग्री और मशीनरी बरामद करने का दावा किया था। इस कार्रवाई में शाहिर खान और मुनव्वर उर्फ राजा को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान ने शुरुआत से ही कार्रवाई को फर्जी बताते हुए आरोप लगाया था कि मध्यप्रदेश पुलिस ने स्थानीय राजस्थान पुलिस को सूचना दिए बिना उनके घर में प्रवेश किया, परिजनों के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके बेटों को झूठे प्रकरण में फंसाया।हमीद खान ने 21 फरवरी 2026 को चौमहला न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने उसी दिन झालावाड़ पुलिस अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए थे। जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद्र मीणा को सौंपी गई।जांच के दौरान दबिश में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान लिए गए। जांच रिपोर्ट में तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती से संबंधित कई अभिलेख उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट पर विचार करने के बाद न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।इसके बाद डग थाने में संबंधित पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपों की जांच कर रिपोर्ट न्यायालय को प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बड़वानी के आदिवासी छात्र ने 12वीं में असफलता के बाद आईआईटी खड़गपुर में पाया प्रवेश
बड़वानी, 16 जून (वार्ता) मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के एक दूरस्थ आदिवासी गांव के छात्र ने 12वीं कक्षा में असफल होने के बाद निराशा पर विजय प्राप्त करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर में प्रवेश हासिल कर प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।जिले की वरला तहसील के खुटवाड़ी गांव निवासी चेतन सोलंकी ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस्ड में अनुसूचित जनजाति वर्ग में 1309वीं रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि के आधार पर उसे आईआईटी खड़गपुर में प्रवेश मिला है।परिजनों के अनुसार वर्ष 2022 में 12वीं कक्षा में असफल होने के बाद चेतन गहरे अवसाद और निराशा के दौर से गुजरा। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश की चुनौतियों के बावजूद उसने हार मानने के बजाय दोबारा तैयारी करने का संकल्प लिया।
चेतन ने लंबे समय तक स्वयं को एक कमरे तक सीमित रखते हुए ऑनलाइन माध्यमों से अध्ययन किया। उसने महंगी कोचिंग के बजाय इंटरनेट, यूट्यूब व्याख्यानों और डिजिटल अध्ययन सामग्री की सहायता से अपनी तैयारी जारी रखी। लगातार परिश्रम के बल पर उसने पहले 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की और बाद में देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड में सफलता प्राप्त की।फिलहाल चेतन अगले महीने आईआईटी खड़गपुर में अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू करने की तैयारी में जुटा है। एक छोटे आदिवासी गांव से निकलकर देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में स्थान बनाने की उसकी कहानी क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
बिहार में मंत्री दीपक प्रकाश की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी
नयी दिल्ली, 15 जून (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की दोबारा नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने बिहार सरकार, पंचायती राज मंत्री श्री प्रकाश और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी करते हुए पूछा कि क्या वह वर्तमान में राज्य सरकार में मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार सिंह ने याचिका में श्री प्रकाश की सात मई 2026 को की गयी पुनर्नियुक्ति को असंवैधानिक, अवैध और अनुच्छेद 164(4) के विपरीत घोषित करने की मांग की है।याचिका में कहा गया है कि अनुच्छेद 164(4) के अनुसार यदि कोई मंत्री लगातार छह माह तक राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन का सदस्य नहीं बनता है तो उसे मंत्री पद छोड़ना पड़ता है।
यस बैंक लोन धोखाधड़ी मामला : मुंबई–दिल्ली समेत 17 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
नयी दिल्ली/मुंबई, 16 जून (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यस बैंक ऋण आवंटन मामले में जुड़ी जांच के सिलसिले में मुंबई, खंडाला और नयी दिल्ली में कुल 17 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया है।ईडी के मुंबई जोनल कार्यालय द्वारा की जा रही यह छापेमारी ‘सुरक्षा एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड’, ‘सुरक्षा रियल्टी लिमिटेड’ और ‘ख्याति रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड’ से जुड़े परिसरों पर केंद्रित है। इसके अलावा जांच एजेंसी इन कंपनियों के प्रमोटरों, निदेशकों, कर्मचारियों और यस बैंक के एक पूर्व कर्मचारी के ठिकानों को भी खंगाल रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 के दौरान ‘मैकस्टार मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड’ तथा कुछ अन्य खातों के यस बैंक ऋणों के कथित तौर पर फर्जी हस्तांतरण से जुड़ा हुआ है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों और यस बैंक के बीच कथित मिलीभगत थी, जिसके तहत ‘सर्कुलर ट्रांजैक्शन’ (पैसे को घुमाने की प्रक्रिया) के जरिए बैंक की तनावग्रस्त संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा किया गया। ईडी इस कार्रवाई के जरिए इसी हेराफेरी से जुड़े सबूत जुटा रही है।


